{"_id":"58b460494f1c1bbf56831cfc","slug":"ow-of-aadhaar-rural-biting-affair","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधार कार्ड की गलतियां सुधारने को ग्रामीण काट रहा चक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधार कार्ड की गलतियां सुधारने को ग्रामीण काट रहा चक्कर
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Mon, 27 Feb 2017 10:52 PM IST
विज्ञापन
आधार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आधार कार्ड बनाने वाले कर्मियों की गलती का खामियाजा पुनियाल गांव का एक व्यक्ति भुगत रहा है। आधार की त्रुटि को सही कराने के लिए वह दर दर भटक रहा है। लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। निराश होकर उसने डीएम के सामने गुहार लगाने की बात की है।
ब्लॉक बाराकोट के पुनियाल गांव के जोत सिंह (55) ने बताया अगस्त 2016 में गांव में लगे आधार शिविर के दौरान उन्होंने अपनी माता पार्वती देवी का आधार कार्ड बनाया था। उन्हें आधार नंबर 305897605803 मिला था। उसके बाद उन्होंने अपनी 72 वर्षीय भाभी हीरा देवी पत्नी कल्याण सिंह का तीन-चार बार आधार कार्ड बनवाया गया, लेकिन वह कभी बनकर आया नहीं। आधार कार्ड न होने के कारण उनकी भाभी की वृद्धावस्था पेंशन और राशन मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि विगत 24 फरवरी को लोहाघाट के एसडीएम कोर्ट के पास स्थित अधिकृत आधार सेंटर से उनकी भाभी का आधार कार्ड बनाया। लेकिन उसमें फोटो तो उनकी भाभी की है लेकिन आधार नंबर और जन्मतिथि उनकी माता की दर्ज की गई है। जिसके चलते उनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है। उनका कहना है कि आधार कार्ड में हुई गड़बड़ी को ठीक करने के लिए आधार सेंटर और कस्टमर केयर सेंटर में कई बार बात कर चुके हैं, लेकिन बार बार टालमटोल किया जा रहा है। उनका कहना है कि घर से दो किमी पैदल चलने के बाद गाड़ी से 25 किमी का सफर तय कर लोहाघाट आने जाने में ही उनके 100 रुपए खर्च हो रहे हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। चारों ओर से थक हारकर जोत सिंह ने शीघ्र समस्या का समाधान न होने पर डीएम के पास गुहार लगाने की बात कही है।
विज्ञापन
ब्लॉक बाराकोट के पुनियाल गांव के जोत सिंह (55) ने बताया अगस्त 2016 में गांव में लगे आधार शिविर के दौरान उन्होंने अपनी माता पार्वती देवी का आधार कार्ड बनाया था। उन्हें आधार नंबर 305897605803 मिला था। उसके बाद उन्होंने अपनी 72 वर्षीय भाभी हीरा देवी पत्नी कल्याण सिंह का तीन-चार बार आधार कार्ड बनवाया गया, लेकिन वह कभी बनकर आया नहीं। आधार कार्ड न होने के कारण उनकी भाभी की वृद्धावस्था पेंशन और राशन मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि विगत 24 फरवरी को लोहाघाट के एसडीएम कोर्ट के पास स्थित अधिकृत आधार सेंटर से उनकी भाभी का आधार कार्ड बनाया। लेकिन उसमें फोटो तो उनकी भाभी की है लेकिन आधार नंबर और जन्मतिथि उनकी माता की दर्ज की गई है। जिसके चलते उनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है। उनका कहना है कि आधार कार्ड में हुई गड़बड़ी को ठीक करने के लिए आधार सेंटर और कस्टमर केयर सेंटर में कई बार बात कर चुके हैं, लेकिन बार बार टालमटोल किया जा रहा है। उनका कहना है कि घर से दो किमी पैदल चलने के बाद गाड़ी से 25 किमी का सफर तय कर लोहाघाट आने जाने में ही उनके 100 रुपए खर्च हो रहे हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। चारों ओर से थक हारकर जोत सिंह ने शीघ्र समस्या का समाधान न होने पर डीएम के पास गुहार लगाने की बात कही है।
विज्ञापन