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Champawat News: चंपावत के हिंग्ला देवी में बुरांश वैली निर्माण से बढ़ेगा पर्यटन
Fri, 02 Jan 2026 11:06 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 02 Jan 2026 11:06 PM IST
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चंपावत। वन विभाग वन पंचायत खर्ककार्की के मां हिंग्ला देवी क्षेत्र को बुरांश वैली के रूप में विकसित करेगा। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बुरांश वैली निर्माण से इको और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
जिला मुख्यालय से करीब सात किमी की दूरी पर मां हिंग्ला देवी मंदिर स्थिति है। पूरा क्षेत्र जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां पर बाज और बुरांश, अन्य पौध हैं। साथ ही अन्य प्रकार के पौध, पक्षी और जीव भी दिखाई देते हैं। धार्मिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र आस्था का केंद्र भी है। धार्मिक और जैव विविधता वाले क्षेत्र को वन विभाग पर्यटन के मानचित्र पर उकेरने की तैयारी कर रहा है। विभाग क्षेत्र के बुरांश वैली के रूप में विकसित कर इको पर्यटन को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। वर्षा के पानी को संरक्षित कर झरना निर्माण का काम किया जाएगा। इसके अलावा प्राकृतिक रूप से यहां पर बैठने के संसाधन बनाए जाएंगे। बुरांश वैली विकसित होने से क्षेत्र का विकास होगा। पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।
उपप्रभागीय वन अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि जैव विविधता को संरक्षित करते हुए बुरांश वैली के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
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जिला मुख्यालय से करीब सात किमी की दूरी पर मां हिंग्ला देवी मंदिर स्थिति है। पूरा क्षेत्र जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां पर बाज और बुरांश, अन्य पौध हैं। साथ ही अन्य प्रकार के पौध, पक्षी और जीव भी दिखाई देते हैं। धार्मिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र आस्था का केंद्र भी है। धार्मिक और जैव विविधता वाले क्षेत्र को वन विभाग पर्यटन के मानचित्र पर उकेरने की तैयारी कर रहा है। विभाग क्षेत्र के बुरांश वैली के रूप में विकसित कर इको पर्यटन को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। वर्षा के पानी को संरक्षित कर झरना निर्माण का काम किया जाएगा। इसके अलावा प्राकृतिक रूप से यहां पर बैठने के संसाधन बनाए जाएंगे। बुरांश वैली विकसित होने से क्षेत्र का विकास होगा। पर्यटन कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।
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उपप्रभागीय वन अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि जैव विविधता को संरक्षित करते हुए बुरांश वैली के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
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