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ग्रामीण रूटों में लोगों को नहीं मिल रहा रोडवेज बसों का लाभ
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लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज के लोहाघाट डिपो से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बसों का संचालन न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में लोहाघाट डिपो से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कई बसों का संचालन किया जाता था जिससे यात्रियों को काफी सहूलियतें मिलती थी। अभी रोडवेज स्टेशन के हाल भी कुछ अच्छे नहीं हैं।
रोडवेज डिपो में यात्रियों के लिए न तो शौचालय है और न ही पीने का शुद्ध पानी। रोडवेज कर्मी भी टिनशेड में कार्य करने के लिए मजबूर हैं। थोड़ी सी बरसात में टिनशेड टपकने लगता है। रोडवेज की ओर से वर्तमान में बरेली, हल्द्वानी, नैनीताल, काशीपुर, देहरादून, दिल्ली, गुरुग्राम, ऋषिकेश, वाया देवीधुरा-शहरफाटक देहरादून रूटों में 15 बस सेवाओं का संचालन किया जाता है। इससे मैदानी क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को सुविधाएं मिल रहीं हैं।
लोहाघाट डिपो में कुल 36 बसें हैं जिनमें से एक बस पर्वतीय क्षेत्रों के मानकों को पूरा कर चुकी है जिसका संचालन टनकपुर से मैदानी क्षेत्रों के लिए किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बसों के संचालन की कोई योजना नहीं है। शासन से नए रूटों पर बसों के संचालन की अनुमति मिलने के बाद इन रूटों पर चलाने के लिए बसों की मांग की जाएगी। - नरेंद्र कुमार गौतम, सहायक महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो लोहाघाट।
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मानकों के अनुरूप चालक-परिचालकों की कमी
लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट डिपो में बसों के संचालन के लिए जहां मानकों के अनुरूप चालक, परिचालकों की भी कमी है। एजीएम नरेंद्र गौतम ने बताया कि डिपो में चालकों के कुल 98 पदों के सापेक्ष 86 और परिचालकों के 92 पदों के सापेक्ष 71 परिचालक ही कार्यरत हैं। चालक परिचालकों की कमी के कारण काफी परेशानियां हो रहीं हैं। चालक, परिचालकों के खाली पदों को भरने के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है।
सवारियां कम होने के चलते बंद की गई बस सेवाएं
लोहाघाट (चंपावत)। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए कई बार पुरस्कृत हो चुके रोडवेज के वरिष्ठ परिचालक भुवन चंद्र गहतोड़ी बताते हैं कि यूपी के समय में वर्ष 2003 से पूर्व लोहाघाट डिपो से पंचेश्वर-बरेली, बर्दाखान-बरेली, लोहाघाट-रीठासाहिब, लोहाघाट-देवीधुरा, लोहाघाट-ढोलीगांव, लोहाघाट-रौंसाल, लोहाघाट-चमदेवल रूटों पर बसों का संचालन किया जाता था। ग्रामीण क्षेत्रों में निजी टैक्सियों की संख्या लगातार बढ़ती गई जिससे रोडवेज को कम यात्री मिले। इससे बढ़ रहे घाटे को देखते हुए डिपो की ओर से बसों का संचालन मजबूरन बंद करना पड़ा।
नगरपालिका की ओर से दी जा रही हैं सुविधाएं
लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज बस स्टेशन में नगरपालिका की ओर से इंटरलॉकिंग टाइल्स, स्ट्रीट लाइट, चहारदीवारी समेत सोलर हैंडपंप लगाया गया है जिससे यात्रियों को काफी सुविधा हो रही है। पालिकाध्यक्ष गोविंद वर्मा का कहना है कि नगर पालिका की ओर से यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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रोडवेज डिपो में यात्रियों के लिए न तो शौचालय है और न ही पीने का शुद्ध पानी। रोडवेज कर्मी भी टिनशेड में कार्य करने के लिए मजबूर हैं। थोड़ी सी बरसात में टिनशेड टपकने लगता है। रोडवेज की ओर से वर्तमान में बरेली, हल्द्वानी, नैनीताल, काशीपुर, देहरादून, दिल्ली, गुरुग्राम, ऋषिकेश, वाया देवीधुरा-शहरफाटक देहरादून रूटों में 15 बस सेवाओं का संचालन किया जाता है। इससे मैदानी क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को सुविधाएं मिल रहीं हैं।
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लोहाघाट डिपो में कुल 36 बसें हैं जिनमें से एक बस पर्वतीय क्षेत्रों के मानकों को पूरा कर चुकी है जिसका संचालन टनकपुर से मैदानी क्षेत्रों के लिए किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बसों के संचालन की कोई योजना नहीं है। शासन से नए रूटों पर बसों के संचालन की अनुमति मिलने के बाद इन रूटों पर चलाने के लिए बसों की मांग की जाएगी। - नरेंद्र कुमार गौतम, सहायक महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो लोहाघाट।
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मानकों के अनुरूप चालक-परिचालकों की कमी
लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट डिपो में बसों के संचालन के लिए जहां मानकों के अनुरूप चालक, परिचालकों की भी कमी है। एजीएम नरेंद्र गौतम ने बताया कि डिपो में चालकों के कुल 98 पदों के सापेक्ष 86 और परिचालकों के 92 पदों के सापेक्ष 71 परिचालक ही कार्यरत हैं। चालक परिचालकों की कमी के कारण काफी परेशानियां हो रहीं हैं। चालक, परिचालकों के खाली पदों को भरने के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है।
सवारियां कम होने के चलते बंद की गई बस सेवाएं
लोहाघाट (चंपावत)। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए कई बार पुरस्कृत हो चुके रोडवेज के वरिष्ठ परिचालक भुवन चंद्र गहतोड़ी बताते हैं कि यूपी के समय में वर्ष 2003 से पूर्व लोहाघाट डिपो से पंचेश्वर-बरेली, बर्दाखान-बरेली, लोहाघाट-रीठासाहिब, लोहाघाट-देवीधुरा, लोहाघाट-ढोलीगांव, लोहाघाट-रौंसाल, लोहाघाट-चमदेवल रूटों पर बसों का संचालन किया जाता था। ग्रामीण क्षेत्रों में निजी टैक्सियों की संख्या लगातार बढ़ती गई जिससे रोडवेज को कम यात्री मिले। इससे बढ़ रहे घाटे को देखते हुए डिपो की ओर से बसों का संचालन मजबूरन बंद करना पड़ा।
नगरपालिका की ओर से दी जा रही हैं सुविधाएं
लोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज बस स्टेशन में नगरपालिका की ओर से इंटरलॉकिंग टाइल्स, स्ट्रीट लाइट, चहारदीवारी समेत सोलर हैंडपंप लगाया गया है जिससे यात्रियों को काफी सुविधा हो रही है। पालिकाध्यक्ष गोविंद वर्मा का कहना है कि नगर पालिका की ओर से यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।