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Champawat News: न कोई उत्पादन ना रोजगार... बस नाम का औद्योगिक आस्थान
Thu, 23 Nov 2023 10:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 23 Nov 2023 10:00 PM IST
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चंपावत के औद्योगिक आस्थान का प्रवेशद्वार। संवाद
चंपावत। चंपावत के औद्योगिक आस्थान में कोई औद्योगिक गतिविधियां नहीं हो रही हैं और ना ही कोई उद्यमिता की हलचल। सन्नाटे की ये तस्वीर है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र के औद्योगिक आस्थान की। 31 औद्योगिक इकाइयों में से 26 पर ताले लगे हुए हैं। सिर्फ पांच में ही काम हो रहा है। शेष उद्यमियों को 15 बार से अधिक बार नोटिस जारी किया जा चुका है लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई।
उद्योगविहीन इस जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए दो दशक पूर्व चंपावत से तीन किमी दूर औद्योगिक आस्थान बनाया गया लेकिन छतार पुनेठी में 2.29 एकड़ जमीन पर फैले मिनी औद्याोगिक आस्थान में उद्योग गतिविधियां शून्य हैं। आस्थान के हाल किसी आवासीय कॉलोनी जैसे हैं जबकि इन उद्यमों के जरिये 93 लोगों को काम मिलना था। अफसोस कि यहां न उद्यम चले और ना ही किसी को रोजगार मिल रहा है। बस मोटर्स सर्विसिंग, टायर रिट्रेडिंग, प्रिंटिंग एंड कॉपी मैन्युफैक्चरिंग, होटल सहित कुल पांच इकाइयां चल रही हैं। जिसमें सिर्फ 15 लोगों को रोजगार मिल रहा है। संवाद
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चलने के बाद बंद हो गए आठ उद्यम
चंपावत। मिनी औद्योगिक आस्थान में 31 भूखंड हैं। वर्ष 2006 से इन भूखंडों को 26 उद्यमियों को 99 वर्ष के पट्टे पर आवंटित किया गया। इन 31 औद्योगिक इकाई में से इस समय पांच ही चल पा रहे हैं। हालांकि आठ साल पहले तक 13 इकाइयां चल रही थी लेकिन कोरोना और घाटे की वजह से आठ इकाइयां और बंद हो गईं। संवाद
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कोट
औद्योगिक आस्थान में इस वक्त महज पांच इकाइयां ही काम कर रही हैं। संचालित नहीं होने वाले उद्यमों को निरस्त करने के लिए उद्योग विभाग कई बार नोटिस दे चुका है। और वर्तमान में यह मामला जिला उद्योग समिति के पास विचाराधीन है। - डॉ. दीपक मुरारी, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, चंपावत।
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उद्योगविहीन इस जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए दो दशक पूर्व चंपावत से तीन किमी दूर औद्योगिक आस्थान बनाया गया लेकिन छतार पुनेठी में 2.29 एकड़ जमीन पर फैले मिनी औद्याोगिक आस्थान में उद्योग गतिविधियां शून्य हैं। आस्थान के हाल किसी आवासीय कॉलोनी जैसे हैं जबकि इन उद्यमों के जरिये 93 लोगों को काम मिलना था। अफसोस कि यहां न उद्यम चले और ना ही किसी को रोजगार मिल रहा है। बस मोटर्स सर्विसिंग, टायर रिट्रेडिंग, प्रिंटिंग एंड कॉपी मैन्युफैक्चरिंग, होटल सहित कुल पांच इकाइयां चल रही हैं। जिसमें सिर्फ 15 लोगों को रोजगार मिल रहा है। संवाद
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चलने के बाद बंद हो गए आठ उद्यम
चंपावत। मिनी औद्योगिक आस्थान में 31 भूखंड हैं। वर्ष 2006 से इन भूखंडों को 26 उद्यमियों को 99 वर्ष के पट्टे पर आवंटित किया गया। इन 31 औद्योगिक इकाई में से इस समय पांच ही चल पा रहे हैं। हालांकि आठ साल पहले तक 13 इकाइयां चल रही थी लेकिन कोरोना और घाटे की वजह से आठ इकाइयां और बंद हो गईं। संवाद
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औद्योगिक आस्थान में इस वक्त महज पांच इकाइयां ही काम कर रही हैं। संचालित नहीं होने वाले उद्यमों को निरस्त करने के लिए उद्योग विभाग कई बार नोटिस दे चुका है। और वर्तमान में यह मामला जिला उद्योग समिति के पास विचाराधीन है। - डॉ. दीपक मुरारी, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, चंपावत।