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एनएचपीसी,यूपीसीएल पावर हाउसों में उत्पादन ठप

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2019 11:24 PM IST
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No Production At 2 Power House
बनबसा (चंपावत)। शारदा का जलस्तर रविवार रात दस बजे बढ़कर एक लाख क्यूसेक से अधिक पहुंच गया। जिससे शारदा हेडवर्क्स प्रशासन ने सुरक्षा के तहत बैराज पर रेड अलर्ट कर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी। जिससे वाहनों की आवाजाही के लिए खुलने वाला सुबह छह से आठ बजे वाला गेट बंद रहा। इधर, शारदा जलस्तर दोपहर बाद दो बजे एक लाख क्यूासेक से कम हो गया। दो बजे नदी का जलस्तर करीब 98 हजार क्यूसेक पहुंच गया। जिसके बाद वाहनों के लिए खुलने वाला दो से चार बजे वाला गेट खोल दिया गया। जिससे बैराज के दोनों ओर फंसे वाहन गंतव्य को निकल गए।
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यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स के बैराज अटेंडेंट जगदीश श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार की रात दस बजे बाद शारदा का जलस्तर बढ़कर एक लाख क्यूसेक से अधिक होने लगा। जो सुबह छह बजे 141000 क्यूसेक पहुंच गया। सुबह नौ बजे नदी का जलस्तर घटकर 119000 क्यूसेक पहुंच गया था। जिससे शारदा हेडवर्क्स प्रशासन को सुरक्षा के तहत बैराज पर से वाहनों का संचालन बंद करना पड़ा। जिससे बैराज के दोनों ओर वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान सुबह भारत नेपाल के बीच संचालित होने वाले मैत्री बसों का संचालन भी प्रभावित रहा। वाहन स्वामी और चालक बैराज से रेड अलर्ट हटने का इंतजार करते रहे। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से अधिक पहुंचने पर सुरक्षा के तहत बैराज पर से वाहनों को संचालन रोक दिया जाता है। बताया कि यह नियम अंग्रेजों के समय से है।
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एनएचपीसी और यूपीसीएल के पावर हाउसों में उत्पादन ठप
बनबसा (चंपावत)। शारदा नदी में अत्यधिक मलबा आने से एनएचपीसी और शारदा हेडवर्क्स प्रशासन ने पावर चैनल और नहर की जलापूर्ति बंद कर दी। इससे एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन और यूपीसीएल के लोहियाहेड बिजली घरों मे उत्पादन ठप हो गया है।
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यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि पावर चैनल और नहर में सिल्ट के जमाव को रोकने और टरबाइनों के ब्लेड को घिसाव से बचाने को पॉवर चैनल और शारदा नहर में गंदा पानी नही छोड़ा जाता है। नदी में साफ पानी आने के बाद ही पानी छोड़ा जाएगा। पानी सप्लाई के पांच से छह घंटे बाद ही दोनों पावर हाउसों में बिजली बननी शुरू होगी। इन दिनों एनएचपीसी में 96 से 99 तो लोहियाहेड में 33 से 36 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।
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