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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   No Facility in Panchayat Ghar Champawat

कहीं स्कूल तो कहीं मंदिर में चल रहा पंचायतों का काम

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2022 11:42 PM IST
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No Facility in Panchayat Ghar Champawat
चंपावत। त्रिस्तरीय पंचायतें लोकतंत्र का सबसे अहम पड़ाव हैं लेकिन निर्धारित समय में होने वाले चुनाव को छोड़ इन पंचायतों की व्यवस्थाओं में कई खामियां भी हैं। अकेले चंपावत जिले में ही नौ ग्राम पंचायतों के हाल खराब हैं। बेघरों को छत मुहैय्या कराने वाली ये ग्राम पंचायतें खुद अपने पंचायत घर की छत के लिए तरस रही हैं। कुछ पंचायतें दूसरे कार्यालय में तो, कुछ स्कूल या मंदिर से काम चलाने के लिए मजबूर हैं।
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चार ब्लॉक वाले इस जिले में कुल 313 ग्राम पंचायतों हैं इसमें से नौ के पास अपने पंचायत घर नहीं हैं। केवल बाराकोट ब्लॉक की सभी 40 ग्राम पंचायतों के पास अपने भवन हैं। कार्यालय भवन के अलावा पेयजल, बिजली, संचार जैसी जरूरी सुविधाओं का हाल भी ठीक नहीं है। फर्नीचर और दूसरी जरूरी सुविधाओं से भी ज्यादातर पंचायत घर मोहताज हैं।
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बेघरों को घर उपलब्ध कराने वाली इन नौ ग्राम पंचायतों के पास अपने घर (पंचायत घर) ही नहीं है। कलक्ट्रेट से लगी ढकना बडोला ग्राम पंचायत के पास भी अपना दफ्तर नहीं है उसे स्कूल या मंदिर में पंचायती काम निपटाना पड़ता है। इसी तरह मैदानी क्षेत्र टनकपुर की तीन ग्राम पंचायतों मोहनपुर, टनकपुर, ज्ञानखेड़ा का काम एक ही पंचायत भवन से चल रहा है। मोहनपुर और टनकपुर ग्राम पंचायतों के भी अपने भवन नहीं हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश कार्यों की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों के पास है। योजनाओं के लाभ से लेकर रोजमर्रा का कामकाज तक उन पर निर्भर है। राशनकार्ड, आवास योजनाएं, मनरेगा, परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, एमडीएम से लेकर दूसरे विकास कार्य भी ग्राम पंचायतें ही संचालित करती हैं।
ये हैं पंचायत घर विहीन ग्राम पंचायतें
लोहाघाट ब्लॉक - रायकोट कुंवर, सुदर्का।
चंपावत ब्लॉक - मोहनपुर, टनकपुर, ढकनाबडोला, बाजरीकोट।
पाटी ब्लॉक - कनवाड़, टाक भुम्वाड़ी, डसिया चामी।
3367 आबादी वाली टनकपुर ग्राम पंचायत के पास अपना कार्यालय नहीं है। पंचायत का अपना भवन न होने से काम करने में काफी असुविधा होती है। - मोहनी चंद, ग्राम प्रधान, टनकपुर।
मोहनपुर ग्राम पंचायत जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायतों में से एक है लेकिन उसके पास कार्यालय न होने से ज्ञानखेड़ा ग्राम पंचायत में काम करना पड़ रहा है। - राधिका चंद, ग्राम प्रधान, मोहनपुर।
ढकनाबडोला ग्राम पंचायत का काम स्कूल या मंदिर में करना पड़ रहा है। पंचायत घर के लिए निशुल्क जमीन देने के लिए गांव के लोग तैयार हैं। भवन का प्रस्ताव भी रखा गया है। - हीरा देवी, ग्राम प्रधान, ढकनाबडोला।

जिले में नौ ग्राम पंचायतों के पास अपने भवन नहीं हैं। इन पंचायत घरों के भवन निर्माण के लिए बजट मिल गया है। जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जीर्णशीर्ण पंचायत घरों को भी सुधारा जाएगा। - रामपाल सिंह, डीपीआरओ, चंपावत।
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