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खेल पर भारी न पड़ जाए भ्रष्टाचार का "खेल"

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2020 01:50 PM IST
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No construction work to stadium for two years
लोहाघाट का निर्माणाधीन स्टेडियम। - फोटो : AMAR UJALA
नवल जोशी (संवाद), लोहाघाट (चंपावत)। उत्तराखंड बनने के बाद चंपावत जिले में पहले स्टेडियम का सपना पूरा नहीं हो पा सका है। ये नौबत पांच साल पूर्व लोहाघाट में स्टेडियम निर्माण का काम शुरू होने के बावजूद है। घटिया गुणवत्ता और आगे का बजट नहीं मिलने से ये काम अगस्त 2018 से बंद है। इस वजह से खेल प्रतिभाओं को निखारने का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है।
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लोहाघाट के छमनियांचौड़ में सुई ग्राम पंचायत के लोगों ने स्टेडियम के लिए 6 हेक्टेयर जमीन निशुल्क दी। 2015 से काम भी शुरू हुआ, लेकिन पांच साल बीतने के बावजूद ये काम पूरा नहीं हो सका। यहां तक कि घटिया गुणवत्ता से बनाई गई सुरक्षा दीवार भी पिछले साल भी टूट गई।
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10.92 करोड़ रुपये से बनने वाले इस स्टेडियम के लिए 4.25 करोड़ रुपये ही मिले। इस रकम से सुरक्षा दीवार, दौडऩे के लिए ट्रैक, टेरिस कटिंग, मैदान समतलीकरण, ड्रेनेज निर्माण, ब्रिक वर्क आदि का काम पूरा किया गया। लेकिन इससे आगे का काम धन अवमुक्त नहीं होने से नहीं हो सका है।
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कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक संजय चौधरी का कहना है कि शासन से धन नहीं मिलने से काम लटका है। बजट के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
--::: जांच में हुई थी घटिया गुणवत्ता की पुष्टि :: तकरीबन 50 लाख रुपये से बनी सुरक्षा दीवार 2019 में बरसात में ध्वस्त हो गई थी। तीन सदस्यीय जांच टीम ने गुणवत्ता में कई कमियां पाई थी। जिसके बाद डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने निर्माण की जांच रुड़की के समकक्ष किसी तकनीकी संस्थान से कराने की संस्तुति की थी। अलबत्ता अभी इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। --::: "स्टेडियम के काम को शुरू कराने के लिए जल्द ही बजट अवमुक्त कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही गुणवत्ता ठीक हो, इसके लिए कार्यदाई संस्था को निर्देश दिए जाएंगे। -पूरन सिंह फर्त्याल, विधायक। --:::: "स्टेडियम के काम में पाई गई घटिया गुणवत्ता से कार्य में देरी हो रही है। गुणवत्ता की तकनीकी संस्था से जांच के बाद ही आगे का बजट मिल सकेगा।" -आरएस धामी, जिला खेल अधिकारी। ---::: "ग्रामीणों ने उम्मीद के साथ स्टेडियम के लिए निशुल्क जमीन दी। मगर उनका ये सपना अधूरा हो रहा है। काम लटकने से युवाओं के आगे बढऩे की उम्मीद को झटका लगा है। - विजय सिंह। ---- :::: "स्टेडियम निर्माण में देरी खेल व खिलाडिय़ों पर असर डाल रही है। शीघ्र काम शुरू करने को कई बार आवाज उठाई, पर कोई नतीजा नहीं निकला।" -मोहन चौबे।
---:::: "स्टेडियम के अधूरा रहने से युवाओं को खेलों के जरिए स्पोर्ट्स हॉस्टल व कॉलेज में जाने की संभावनाएं कम हो गई है। नौजवान फौज-पुलिस आदि की भर्ती के लिए सड़क में दौड़ लगाने को मजबूर हैं।" - विक्की चौबे। ----:::: "समय से धन न मिलने से स्टेडियम का काम रूकना खेल प्रतिभाओं के रास्ते को रोक रहा है। इसे जल्द शुरू कराया जाना चाहिए।" -भुवन चौबे, प्रधान।
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