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पहाड़ी दरकी, बाराकोट और टिपन टॉप के पास एनएच बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Mon, 24 Sep 2018 10:28 PM IST
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टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर स्वांला के समीप आए मलबे को हटाते मशीन।
- फोटो : amar ujala
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जिले में सोमवार को बारिश बंद होने के बाद भी टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच छह घंटे तक बंद रहा। राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने से कई बार यातायात प्रभावित हुआ। इसके साथ ही रविवार को हुई तेज बारिश से ग्रामीण क्षेत्र की पांच सड़कें भी मलबा आने से बंद हो गई।
बाराकोट के लीसा डिपो के पास राजमार्ग सुबह 7:30 से 9:20 और सूखीढांग के टिपन टॉप के पास 11:35 से 1:52 बजे तक बंद हो रहा। जेसीबी और पोकलैंड की मदद से राजमार्ग को खोलकर वाहनों की आवाजाही शुरू की गई लेकिन एक स्थान पर तीन घंटे से अधिक समय तक बंद होने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
सड़क बंद होने से रोडवेज बसें भी देर से चंपावत पहुंची। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को पैदल आवाजाही करनी पड़ी। सोमवार को ग्रामीण क्षेत्र की धौन-दियूरी पुनाबे-सिप्टी, मंच-नीड़, धौन-सल्ली, ढुलीगाढ़ सड़कें बंद रहीं।
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यहां इतनी बारिश हुई
चंपावत 61 एमएम
लोहाघाट 35 एमएम
पाटी 10 एमएम
बनबसा 76 एमएम
मलबा आने से पूर्णागिरि मार्ग बंद
हनुमानचट्टी के पास पहाड़ से मलबा और बोल्डरों के गिरने से पूर्णागिरि मार्ग सोमवार सुबह छह बजे से दोपहर बारह बजे तक बंद रहा। मौके पर पहुंचे लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट और जेई नवल बिष्ट ने बताया कि बमुश्किल बोल्डरों और मलबे को हटवाकर मार्ग को खोल दिया गया है। पत्थर काटने वाली मशीन मंगाकर चार दिन में सड़क को पूर्व की तरह आवागमन के लिए तैयार कर दिया जाएगा। ब्यूरो
फोटो 24 टीएनपीबीएनबी 02 पी।
पेड़ गिरने से दो घंटे ठप रहा यातायात
चंडाक मार्ग में वन विभाग विश्राम गृह के पास रविवार रात चीड़ का पेड़ गिर गया। इस कारण सोमवार को सुबह वाहनों का संचालन लगभग दो घंटे तक ठप रहा। बाद में जीप चालकों ने खुद ही पेड़ की टहनियों को काटकर दोपहिया और हल्के वाहनों के लिए यातायात सुचारु किया। इस दौरान लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
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बाराकोट के लीसा डिपो के पास राजमार्ग सुबह 7:30 से 9:20 और सूखीढांग के टिपन टॉप के पास 11:35 से 1:52 बजे तक बंद हो रहा। जेसीबी और पोकलैंड की मदद से राजमार्ग को खोलकर वाहनों की आवाजाही शुरू की गई लेकिन एक स्थान पर तीन घंटे से अधिक समय तक बंद होने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
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सड़क बंद होने से रोडवेज बसें भी देर से चंपावत पहुंची। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को पैदल आवाजाही करनी पड़ी। सोमवार को ग्रामीण क्षेत्र की धौन-दियूरी पुनाबे-सिप्टी, मंच-नीड़, धौन-सल्ली, ढुलीगाढ़ सड़कें बंद रहीं।
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मलबा आने से पूर्णागिरि मार्ग बंद
हनुमानचट्टी के पास पहाड़ से मलबा और बोल्डरों के गिरने से पूर्णागिरि मार्ग सोमवार सुबह छह बजे से दोपहर बारह बजे तक बंद रहा। मौके पर पहुंचे लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट और जेई नवल बिष्ट ने बताया कि बमुश्किल बोल्डरों और मलबे को हटवाकर मार्ग को खोल दिया गया है। पत्थर काटने वाली मशीन मंगाकर चार दिन में सड़क को पूर्व की तरह आवागमन के लिए तैयार कर दिया जाएगा। ब्यूरो
फोटो 24 टीएनपीबीएनबी 02 पी।
पेड़ गिरने से दो घंटे ठप रहा यातायात
चंडाक मार्ग में वन विभाग विश्राम गृह के पास रविवार रात चीड़ का पेड़ गिर गया। इस कारण सोमवार को सुबह वाहनों का संचालन लगभग दो घंटे तक ठप रहा। बाद में जीप चालकों ने खुद ही पेड़ की टहनियों को काटकर दोपहिया और हल्के वाहनों के लिए यातायात सुचारु किया। इस दौरान लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।