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Champawat News: प्रवेश के नए नियम ने नौनिहालों का दाखिला रोका
Thu, 01 May 2025 11:32 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 01 May 2025 11:32 PM IST
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चंपावत। स्कूलों में प्रवेश के नए नियम लागू होने से नौनिहालों का कक्षा एक में दाखिला नहीं हो पा रहा है। इससे अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि उम्र सीमा में छूट नहीं दी गई तो हजारों बच्चों को दोबारा यूकेजी की पढ़ाई करनी पड़ेगी।
सरकारी और निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी नए नियमों के कारण प्री प्राइमरी कक्षाओं में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र 31 मार्च 2025 तक तीन वर्ष और कक्षा एक में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र छह वर्ष पूरी होनी अनिवार्य है। दो या तीन अप्रैल को भी यदि छात्र की आयु पूर्ण हो रही है तो भी उसे कक्षा में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। इस कारण सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा एक में प्रवेश नहीं मिल रहा है।
ऐसे में छात्रों को यूकेजी की पढ़ाई दोबारा करनी पड़ेगी। ऐसे में अभिभावक के साथ ही शिक्षक संगठन और निजी स्कूल संचालक भी उम्र में शिथिलता बरतने की मांग कर रहे हैं। अभिभावक गणेश गिरी का कहना है कि वह अपने बच्चे का प्रवेश यूकेजी में करना चाहते थे, लेकिन उम्र की सीमा से बाहर होने के कारण उसको प्रवेश नहीं मिल पा रहा है, इस कारण वह अब परेशान हो गए हैं। शिक्षा विभाग को तत्काल नए नियमों में बदलाव करना चाहिए व उम्र सीमा में छूट दी जानी चाहिए।
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प्रभारी खंड शिक्षाधिकारी चंपावत राधेश्याम खर्कवाल ने बताया कि नए नियम के अनुसार ही बच्चों को प्रवेश दिए जा रहे हैं।
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सरकारी और निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी नए नियमों के कारण प्री प्राइमरी कक्षाओं में दाखिले के लिए न्यूनतम उम्र 31 मार्च 2025 तक तीन वर्ष और कक्षा एक में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र छह वर्ष पूरी होनी अनिवार्य है। दो या तीन अप्रैल को भी यदि छात्र की आयु पूर्ण हो रही है तो भी उसे कक्षा में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। इस कारण सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा एक में प्रवेश नहीं मिल रहा है।
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ऐसे में छात्रों को यूकेजी की पढ़ाई दोबारा करनी पड़ेगी। ऐसे में अभिभावक के साथ ही शिक्षक संगठन और निजी स्कूल संचालक भी उम्र में शिथिलता बरतने की मांग कर रहे हैं। अभिभावक गणेश गिरी का कहना है कि वह अपने बच्चे का प्रवेश यूकेजी में करना चाहते थे, लेकिन उम्र की सीमा से बाहर होने के कारण उसको प्रवेश नहीं मिल पा रहा है, इस कारण वह अब परेशान हो गए हैं। शिक्षा विभाग को तत्काल नए नियमों में बदलाव करना चाहिए व उम्र सीमा में छूट दी जानी चाहिए।
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प्रभारी खंड शिक्षाधिकारी चंपावत राधेश्याम खर्कवाल ने बताया कि नए नियम के अनुसार ही बच्चों को प्रवेश दिए जा रहे हैं।