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अवैध खनन होने पर नपेंगे थानेदार
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
Updated Thu, 07 Sep 2017 10:36 PM IST
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चंपावत में क्राइम बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते एसपी रामचंद्र राजगुरू।
- फोटो : अमर उजाला
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शराब की अवैध बिक्री और खनन होने पर संबंधित थानेदार जिम्मेदार होंगे। यह निर्देश पुलिस अधीक्षक रामचंद्र राजगुरू ने मासिक अपराध गोष्ठी में दिए। इसके अलावा उन्होंने पुलिस कर्मियों को आइईडी (इम्पोरवाइज एक्सप्लोसिव डिवाइस) और विस्फोटक पदार्थों की जानकारी हासिल करने को प्रशिक्षण देने की बात कही।
बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में हुई गोष्ठी में एसपी ने बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिले के टनकपुर, बनबसा, चंपावत और लोहाघाट में यातायात व्यवस्था में सुधार लाने को कहा। रात्रि गश्त में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई। लंबित विवेचनाओं को तेजी से निपटाने और आपराधिक घटनाओं में वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्रित करने की चेतावनी दी। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को जनता की शिकायतों को गौर से सुनने और उन पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
अभियोजन अधिकारी अधिवक्ता आलोक पांडेय ने अदालतों में विचाराधीन अभियोगों में सजा का प्रतिशत बढ़ाने की जानकारी दी। गोष्ठी में सीओ पीएस कफलिया और राजन सिंह रौतेला, एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट डीएस मीणा, कोतवाल उत्तम सिंह, डीजीसी भाष्कर मुरारी, रमेश उप्रेती, विद्याधर जोशी मौजूद थे। इससे पूर्व एसपी ने पुलिस जवानों की समस्याएं सुनी।
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बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में हुई गोष्ठी में एसपी ने बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिले के टनकपुर, बनबसा, चंपावत और लोहाघाट में यातायात व्यवस्था में सुधार लाने को कहा। रात्रि गश्त में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई। लंबित विवेचनाओं को तेजी से निपटाने और आपराधिक घटनाओं में वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्रित करने की चेतावनी दी। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को जनता की शिकायतों को गौर से सुनने और उन पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
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अभियोजन अधिकारी अधिवक्ता आलोक पांडेय ने अदालतों में विचाराधीन अभियोगों में सजा का प्रतिशत बढ़ाने की जानकारी दी। गोष्ठी में सीओ पीएस कफलिया और राजन सिंह रौतेला, एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट डीएस मीणा, कोतवाल उत्तम सिंह, डीजीसी भाष्कर मुरारी, रमेश उप्रेती, विद्याधर जोशी मौजूद थे। इससे पूर्व एसपी ने पुलिस जवानों की समस्याएं सुनी।
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