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बेलखेत में नाप जमीन पर डाला गया मलबा
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
Updated Sun, 18 Feb 2018 10:35 PM IST
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बारहमासी सड़क की कटिंग में बेलखेत के पास इस तरह नाप जमीन पर फेंका जा रहा है मलबा।
- फोटो : अमर उजाला
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बारहमासी सड़क की कटिंग में लापरवाही के आरोप में इसी महीने काम कराने वाली कंपनी, ठेकेदार के खिलाफ चंपावत कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ है, मगर इस कार्रवाई का कोई असर होता नहीं दिख रहा है। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर बारहमासी सड़क की कटिंग कर शनिवार रात बेलखेत के पास रातभर नाप जमीन पर मलबा गिराते रहे, इसके चलते खेत की खड़ी फसल के बर्बाद होने से लेकर मकान तक खतरे की जद मेें है।
यहां से करीब 31 किलोमीटर दूर बेलखेत के पास हो रही कटिंग से गिरे मलबे ने ग्रामीण मनोहर सिंह को सकते में ला दिया है। मलबा उनके मकान और खेत से बमुश्किल 50 मीटर की दूरी पर है। ग्रामीण का कहना है कि मिट्टी, पत्थरों के गिरने से खेत, नाप जमीन और मकान को खतरा है।
बारिश होने पर ऊपरी हिस्से का ये मलबा खेत में बोई गेहूं, सरसों की फसल को बर्बाद कर देगा। ग्रामीणों का कहना है कि रातभर काम चलने से मशीन के शोर से नींद तो बाधित हो ही रही है, डर भी पैदा हो रहा है। उन्होंने एनएच खंड के अधिकारियों से समस्या के निस्तारण की मांग की है। कहा कि इस मलबे को निर्धारित डंपिंग जोन में फेंका जाए। ऐसा नहीं करने पर उन्होंने कार्रवाई, नुकसान के मुआवजे की मांग की है।
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बारहमासी सड़क पर वैसे तो हर एक किमी में दो डंपिंग जोन बनाए गए हैं, लेकिन बेलखेत में करीब तीन किमी के दायरे में अधिकतर हिस्सा नाप भूमि का है। इसके चलते ठेकेदार ने लोगों से अनुमति लेकर मलबा डालने की बात कही है। गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। - एनसी पांडेय, सहायक अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, चंपावत।
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यहां से करीब 31 किलोमीटर दूर बेलखेत के पास हो रही कटिंग से गिरे मलबे ने ग्रामीण मनोहर सिंह को सकते में ला दिया है। मलबा उनके मकान और खेत से बमुश्किल 50 मीटर की दूरी पर है। ग्रामीण का कहना है कि मिट्टी, पत्थरों के गिरने से खेत, नाप जमीन और मकान को खतरा है।
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बारिश होने पर ऊपरी हिस्से का ये मलबा खेत में बोई गेहूं, सरसों की फसल को बर्बाद कर देगा। ग्रामीणों का कहना है कि रातभर काम चलने से मशीन के शोर से नींद तो बाधित हो ही रही है, डर भी पैदा हो रहा है। उन्होंने एनएच खंड के अधिकारियों से समस्या के निस्तारण की मांग की है। कहा कि इस मलबे को निर्धारित डंपिंग जोन में फेंका जाए। ऐसा नहीं करने पर उन्होंने कार्रवाई, नुकसान के मुआवजे की मांग की है।
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बारहमासी सड़क पर वैसे तो हर एक किमी में दो डंपिंग जोन बनाए गए हैं, लेकिन बेलखेत में करीब तीन किमी के दायरे में अधिकतर हिस्सा नाप भूमि का है। इसके चलते ठेकेदार ने लोगों से अनुमति लेकर मलबा डालने की बात कही है। गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। - एनसी पांडेय, सहायक अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, चंपावत।