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ऐसा होता है सांसद आदर्श गांव!न इलाज की सुविधा न पढ़ाई की, फिर भी नाम का आदर्श

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2020 11:19 PM IST
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Moudale Village in Champawat
लंबे समय से बेकाम पड़ा सांसद आदर्श गांव रौलमेल का सामुदायिक विपणन केंद्र। - फोटो : CHAMPAWAT
पाटी (चंपावत)। पाटी का रौलमेल गांव यूं तो आम गांवों की तरह है, लेकिन इसकी एक खास पहचान है कि यह सांसद आदर्श गांव में शुमार है। 2016 में तत्कालीन राज्यसभा सांसद और प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह माहरा ने इसे संवारने को गोद लिया, लेकिन चार साल बाद भी यह गांव आदर्श तो दूर, सामान्य गांव कहलाने लायक हाल में नहीं है। गांव में भविष्य संवारने के लिए आठवीं से आगे की पढ़ाई की व्यवस्था और बीमार होने पर इलाज का कोई इंतजाम नहीं है।
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एक हजार से अधिक की आबादी वाले रौलमेल ग्राम पंचायत में दो प्राइमरी रौलमेल, बड़ेत और मैरोली में जूनियर हाईस्कूल है। इसके बाद की पढ़ाई के लिए 11 किमी दूर पाटी ही आसरा है। गांव में एएनएम केंद्र या कोई भी स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने से इलाज की दिक्कत हर वक्त रहती है। छीलकाछीना से बड़ैत तक का रास्ता भी बदहाल है। पांच परिवारों के पास अपने शौचालय भी नहीं है। पांच साल पहले करीब 30 लाख रुपये से बने सामुदायिक विपणन केंद्र का भी उपयोग नहीं हो पा रहा है। इधर, बीडीओ डॉ. अमित ममगईं का कहना है कि विपणन केंद्र का उपयोग कराया जाएगा। साथ ही रौलमेल के लिए आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र का प्रस्ताव भी है। साथ ही कई अन्य विकास योजनाओं को शुरू किया जाएगा।
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समझ में नहीं आता कि रौलमेल ग्राम पंचायत कैसे आदर्श गांव हैं। यहां विकास के लिए बेहद न्यूनतम जरूरतों को पूरा कर पाना कठिन हो रहा है।
- रवींद्र लडवाल, प्रधान।
कोरोना काल की वजह से काफी प्रवासी इन दिनों लौटे हैं। लेकिन सामान्य दिनों में ये आदर्श गांव पलायन का केंद्र बनता है। रोजी-रोटी के बगैर कोई कैसे आदर्श कहा जा सकता है। - उदय सिंह, ग्रामीण।
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आदर्श गांव में शुमार होने के बाद भी यहां की स्वास्थ्य सेवा में कोई सुधार नहीं हुआ है। अस्पताल न सहीं, टीकाकरण की सुविधा तो गांव में होनी ही चाहिए। - हरक सिंह, ग्रामीण।
जहां न पढ़ाई का कोई इंतजाम हो, न दवाई का और न कमाई का, उसे कैसे आदर्श कहा जा सकता है। आदर्श गांव बनाने के लिए आत्मनिर्भर होने के उपाय किए जाने चाहिए। - किशोर सिंह, ग्रामीण।

रौलमेल गांव को विकास की मुख्य धारा में लाने के लिए सांसद आदर्श गांव में शामिल किया गया था। यहां के विकास के लिए कई योजनाएं चलाईं। एएनएम केंद्र को खुलवाने के लिए भी प्रयास किए। लेकिन मार्च 2018 में कार्यकाल पूरा होने के बाद इसकी अनदेखी हुई है। - महेंद्र सिंह माहरा, पूर्व राज्यसभा सांसद।
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