{"_id":"5aa01f9c4f1c1b75718b5b9c","slug":"mother-s-shouts-in-purnagiri-dham","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्णागिरि धाम में मां के जयकारों की गूंज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्णागिरि धाम में मां के जयकारों की गूंज
अमर उजाला ब्यूराे टनकपुर (चंपावत)।
Updated Wed, 07 Mar 2018 10:51 PM IST
विज्ञापन
ठुलीगाड़ में लगे भंडारों में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्घालुओं की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मां श्री पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही का क्रम जारी है। बुधवार को करीब दस हजार श्रद्धालुओं ने देवी मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मां का जयकारा लगाते आते-जाते श्रद्धालुओं की टोलियों से समूचा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है।
तीन मार्च से शुरू हुए मेले में अब श्रद्धालुओं की आवक कम हो गई है। उत्तराखंड एवं यूपी में बोर्ड परीक्षा का भी मेले की रौनक पर असर पड़ा है। यूपी में दस मार्च को बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के बाद फिर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। बहरहाल मेले के चलते इन दिनों समूचा क्षेत्र मां के जयकारों से गूंज रहा है। बसों, ट्रेनों, निजी वाहनों के साथ ही साइकिलों और भक्तिगीतों पर थिरकते पैदल आती-जाती श्रद्धालुओं की टोलियों से भक्तिमय वातावरण बना है। नेपाल से भी काफी संख्या में श्रद्धालु मां पूर्णागिरि के दर्शन को आ रहे हैं।
भंडारों से श्रद्धालुओं को मिल रही राहत
टनकपुर। मां पूर्णागिरि के दर्शन को रहे श्रद्धालुओं को धाम क्षेत्र में लगे भंडारों से काफी राहत मिल रही है। गौरतलब है कि देवी मां के भक्तों द्वारा हर साल मेला अवधि में ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार पर भंडारे लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की जाती है। पूरे मेला अवधि में शायद ही कोई ऐसा दिन होगा जब भंडारा न लगाया जाता हो।
विज्ञापन
सीडीओ ने मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया
टनकपुर। मुख्य विकास अधिकारी एसएस बिष्ट ने बुधवार को मेले की आयोजक संस्था जिला पंचायत एवं जलसंस्थान के अधिकारियों के साथ पूर्णागिरि क्षेत्र का दौरा कर मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाए रखने एवं पेयजल की व्यवस्था पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए। इसके बाद सीडीओ ने मुख्य मंदिर में मां पूर्णागिरि के दर्शन भी किए। उनके साथ जिला पंचायत के जेई नंदकिशोर, जलसंस्थान के जेई बीएस कुवार्बी आदि अधिकारी मौजूद थे।
शॉटकट रास्तों से आवाजाही का जोखिम उठा रहे श्रद्धालु
टनकपुर। मेला प्रशासन की अनदेखी के चलते पूर्णागिरि दर्शन को आ-जा रहे श्रद्धालु पहाड़ियों के शॉटकट रास्तों से आवाजाही का जोखिम उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन को उनकी सुरक्षा की कोई फिक्र नहीं है। इस बार शॉटकट रास्तों से आवाजाही रोकने को न तो इन रास्तों को टीन लगाकर बंद किया गया है और न ही पुलिस तैनात की गई है। बता दें कि शॉटकट रास्तों से आवाजाही के दौरान गिरने से गत वर्षों तक कई श्रद्धालु घायल होते रहे हैं। गत वर्ष तो प्रशासन ने टीन लगाकर इन रास्तों से आवाजाही बंद की थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया है।
तीन मार्च से शुरू हुए मेले में अब श्रद्धालुओं की आवक कम हो गई है। उत्तराखंड एवं यूपी में बोर्ड परीक्षा का भी मेले की रौनक पर असर पड़ा है। यूपी में दस मार्च को बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के बाद फिर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। बहरहाल मेले के चलते इन दिनों समूचा क्षेत्र मां के जयकारों से गूंज रहा है। बसों, ट्रेनों, निजी वाहनों के साथ ही साइकिलों और भक्तिगीतों पर थिरकते पैदल आती-जाती श्रद्धालुओं की टोलियों से भक्तिमय वातावरण बना है। नेपाल से भी काफी संख्या में श्रद्धालु मां पूर्णागिरि के दर्शन को आ रहे हैं।
विज्ञापन
भंडारों से श्रद्धालुओं को मिल रही राहत
टनकपुर। मां पूर्णागिरि के दर्शन को रहे श्रद्धालुओं को धाम क्षेत्र में लगे भंडारों से काफी राहत मिल रही है। गौरतलब है कि देवी मां के भक्तों द्वारा हर साल मेला अवधि में ठुलीगाड़ प्रवेश द्वार पर भंडारे लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा की जाती है। पूरे मेला अवधि में शायद ही कोई ऐसा दिन होगा जब भंडारा न लगाया जाता हो।
विज्ञापन
सीडीओ ने मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया
टनकपुर। मुख्य विकास अधिकारी एसएस बिष्ट ने बुधवार को मेले की आयोजक संस्था जिला पंचायत एवं जलसंस्थान के अधिकारियों के साथ पूर्णागिरि क्षेत्र का दौरा कर मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाए रखने एवं पेयजल की व्यवस्था पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए। इसके बाद सीडीओ ने मुख्य मंदिर में मां पूर्णागिरि के दर्शन भी किए। उनके साथ जिला पंचायत के जेई नंदकिशोर, जलसंस्थान के जेई बीएस कुवार्बी आदि अधिकारी मौजूद थे।
शॉटकट रास्तों से आवाजाही का जोखिम उठा रहे श्रद्धालु
टनकपुर। मेला प्रशासन की अनदेखी के चलते पूर्णागिरि दर्शन को आ-जा रहे श्रद्धालु पहाड़ियों के शॉटकट रास्तों से आवाजाही का जोखिम उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन को उनकी सुरक्षा की कोई फिक्र नहीं है। इस बार शॉटकट रास्तों से आवाजाही रोकने को न तो इन रास्तों को टीन लगाकर बंद किया गया है और न ही पुलिस तैनात की गई है। बता दें कि शॉटकट रास्तों से आवाजाही के दौरान गिरने से गत वर्षों तक कई श्रद्धालु घायल होते रहे हैं। गत वर्ष तो प्रशासन ने टीन लगाकर इन रास्तों से आवाजाही बंद की थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया है।