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...ओ नंदा सुनंदा तू दैणी है जाए

Fri, 18 Sep 2015 10:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Fri, 18 Sep 2015 10:31 PM IST
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Mother Nanda, Sunanda Festival

बालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मां नंदा-सुनंदा महोत्सव शुरू हो गया है। शुक्रवार को मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष खुशाल सिंह अधिकारी ने महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने स्कूली बच्चों की झांकियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ‘ओ नंदा-सुनंदा तू दैणी है जाए’ गीत के बोल और छोलिया नृतकों की ताल पर जिला मुख्यालय में मां नंदा-सुनंदा की आकर्षक झांकियां निकाली गई।

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इससे पहले शुक्रवार सुबह देवडांगरों ने रौरूयूड़ा स्थित रानी के नौले में स्नान किया। बालेश्वर मंदिर में पुरोहित जगदीश कलौनी, दीपक कुलेठा और विनोद पांडेय ने गणेश पूजन के साथ वेदी निर्माण किया। मुख्य अतिथि के अलावा शंकर पांडेय, उमेश खर्कवाल, पुष्कर बोहरा, देवीलाल वर्मा, पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी आदि ने पूजा-अर्चना की। अशोक वर्मा के संचालन में हुए महोत्सव में महोत्सव समिति अध्यक्ष त्रिभुवन गिरि ने सबका आभार जताया। झांकियों को लेकर कोतवाल देवेंद्र सिंह दिगारी के नेतृत्व में पुलिस सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। इस मौके पर मुक्तेश वर्मा, विमल साह, प्रकाश गिरि, किशन गिरि, मयूख चौधरी, नरेश जोशी, दीपक तड़ागी, अमरनाथ सक्टा आदि थे।
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स्कूली बच्चों ने धरे देवी-देवताओं के रूप
नंदा-सुनंदा महोत्सव में निकली झांकियों में स्कूली छात्र-छात्राओं ने विभिन्न देवी-देवताओं के रूप धरे। झांकियों को देखने के लिए सड़कों में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। बालेश्वर मंदिर से निकली झांकियां तल्लीहाट, भैरवां, मादली, जीआईसी चौक, मोटर स्टेशन, खड़ी बाजार होते हुए वापस बालेश्वर मंदिर में पहुंची।
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विद्या मंदिर की झांकी ने जीता पहला पुरस्कार
महोत्सव में स्कूली बच्चों की झांकियों को प्रतियोगिता के तौर पर लिया गया, जिसमें विवेकानंद विद्या मंदिर की झांकी को पहले पुरस्कार के लिए चुना गया। इसके अलावा मार्डन इंटर कालेज दूसरे और यूनिवर्सल स्कूल तीसरे स्थान में रहा। मांटेसरी स्कूल को सांत्वना पुरस्कार के लिए चुना गया, जिन्हें पूर्व प्रमुख बहादुर फर्त्याल, विकास साह, मनोज महर और दिनेश पांडेय ने पुरस्कार दिए। निर्णायक रीतेश राय, अजय पुनेठा और अमित वर्मा शामिल रहे।


महोत्सव में आज
बालेश्वर मंदिर में गणेश पूजन, मातृका पूजन, नवगृह पूजन, वास्तु पूजन, चौंसठ योगिनी पूजन, क्षेत्रपाल पूजन होगा, जबकि शाम आठ बजे से रामलीला मंच में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।

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