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मॉडल आईटीआई बनाने के बजाय लटक गया ताला

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2020 10:45 PM IST
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Model ITI in Barakot
बाराकोट में लगा आईटीआई का साइनबोर्ड। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। बाराकोट के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को मॉडल आईटीआई बनना था, लेकिन मॉडल बनना तो दूर, इस संस्थान में ताले लटक गए हैं। मौजूदा सत्र में इस आईटीआई में प्रवेश भी नहीं कराए गए।
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नौजवानों को हुनरमंद बनाकर रोजगार देने के लिए करीब दस साल पूर्व बाराकोट में आईटीआई खोला गया था। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस आईटीआई को मॉडल आईटीआई बनाने का एलान किया था। इसके तहत चार नए ट्रेड खुलने थे। लेकिन इसमें तीन ट्रेडों में से दो (इलेक्ट्रिशियन और कंप्यूटर ऑफ प्रोग्रामिंग एप्लीकेशन) ही चल सके। इस सत्र में इस संस्थान के बंद होने से ये ट्रेड भी बंद हो गए हैं। बाराकोट के अलावा जिले के पांच अन्य तल्लादेश, दिगालीचौड़, भिंगराड़ा, बनबसा और रेगड़ू आईटीआई में भी प्रवेश बंद हो गए हैं। बाराकोट के स्टाफ को चंपावत और अन्य संस्थानों के अनुदेशक-कर्मियों को दूसरी जगह संबद्ध कर दिया गया है। अब आईटीआई मॉडल बनाने के बजाय बंद कर दिया गया है। एडीएम टीएस मर्तोलिया का कहना है कि मानकों के अभाव में बाराकोट को मॉडल आईटीआई नहीं बनाया जा सका। इसी कारण सीएम के इस एलान को निरस्त कर दिया गया है।
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इसलिए बंद कर दिए गए प्रवेश
बाराकोट के आईटीआई के भवन के लिए चामड़किनी तोक में वर्षों पूर्व 20 नाली जमीन भी दान मिल चुकी है। अलबत्ता बजट न मिलने से काम शुरू नहीं हो सका। बाराकोट सहित छह आईटीआई स्टेट काउंसिल ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) श्रेणी के हैं। इनमें 2020 में प्रवेश करने पर रोक लगाई गई है। इन संस्थानों के स्टाफ को दूसरी जगह संबद्ध कर दिया गया है।
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