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गड़बड़झाला : काम हुआ नहीं और भुगतान कर दिया पूरा
Sun, 05 Nov 2023 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 05 Nov 2023 10:51 PM IST
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चंपावत के नागार्जुन क्षेत्र का खराब रास्ता। संवाद
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चंपावत। चंपावत क्षेत्र में एक काम के पूरा हुए बगैर पूरा भुगतान करने का मामला सामने आया है। अधूरे काम के बावजूद पूरी राशि निकाल ली गई। इस मामले में बाकायदा शिकायत होने पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
नागनाथ वार्ड के नागार्जुन क्षेत्र में राज्य वित्त से एक काम के एवज में पिछले साल 16,03,445 रुपये का भुगतान कर दिया गया। राज्य वित्त से नागार्जुन क्षेत्र में पूरन कापड़ी के घर के पास सीसी मार्ग और त्रिलोचन जोशी के घर के नीचे से नाला निर्माण होना था।
इसके लिए पालिका ने बाकायदा ठेकेदार के साथ अनुबंध किया। लेकिन एक-चौथाई काम भी पूरा किए बगैर भुगतान कर दिया गया। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यहां 2018 के बाद यहां कोई काम ही नहीं हुआ। पुराने रास्ते की हालत भी खराब है। पालिका के पूर्व नामित सभासद और भाजपा नेता सूरज प्रहरी ने इस मामले में मुख्यमंत्री से अनियमितता की शिकायत भी की है।
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पालिका के ईओ अशोक कुमार का कहना है कि नागनाथ वार्ड के नागार्जुन क्षेत्र में नाले का काम हुआ है। सीसी मार्ग निर्माण विवाद की वजह से लटक गया था। अधूरे काम का पूरा भुगतान कैसा हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। एक सभासद की शिकायत पर मामले की जांच भी चल रही है।
पांच साल पहले भी पालिका में हुईं थीं अनियमितताएं
चंपावत। चंपावत नगर पालिका पहले भी नियम और प्रक्रियाओं के उल्लंघन के लिए घेरे में आ चुकी है। 15 अक्तूबर से 20 नवंबर 2018 तक नगर निकाय चुनावों को लेकर प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में आचार संहिता लागू थी। आचार संहिता से पहले पालिका के पास विकास कार्यों का तीन करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट था। इसमें से ज्यादातर का उपयोग इस अवधि में हुआ। आचार संहिता के दौरान 23 अक्तूबर को 70 कार्यों की निविदाएं खोलने के साथ 16 नवंबर को इन कार्यों का भुगतान भी कर दिया गया था। डीएम की ओर से बनाई जांच समिति ने अक्तूबर 2019 में तत्कालीन ईओ अभिनव कुमार को आचार संहिता के दौरान निर्माण कराने सहित कई अनियमितताओं, कुछ निविदाओं में अधिक दाम में सामग्री खरीदने, जीएसटी सहित रेट न देकर वित्तीय नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया गया। साथ ही तत्कालीन प्रशासक सीमा विश्वकर्मा को भी आचार संहिता उल्लंघन का दोषी पाया गया था।
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नागनाथ वार्ड के नागार्जुन क्षेत्र में राज्य वित्त से एक काम के एवज में पिछले साल 16,03,445 रुपये का भुगतान कर दिया गया। राज्य वित्त से नागार्जुन क्षेत्र में पूरन कापड़ी के घर के पास सीसी मार्ग और त्रिलोचन जोशी के घर के नीचे से नाला निर्माण होना था।
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इसके लिए पालिका ने बाकायदा ठेकेदार के साथ अनुबंध किया। लेकिन एक-चौथाई काम भी पूरा किए बगैर भुगतान कर दिया गया। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यहां 2018 के बाद यहां कोई काम ही नहीं हुआ। पुराने रास्ते की हालत भी खराब है। पालिका के पूर्व नामित सभासद और भाजपा नेता सूरज प्रहरी ने इस मामले में मुख्यमंत्री से अनियमितता की शिकायत भी की है।
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पालिका के ईओ अशोक कुमार का कहना है कि नागनाथ वार्ड के नागार्जुन क्षेत्र में नाले का काम हुआ है। सीसी मार्ग निर्माण विवाद की वजह से लटक गया था। अधूरे काम का पूरा भुगतान कैसा हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। एक सभासद की शिकायत पर मामले की जांच भी चल रही है।
पांच साल पहले भी पालिका में हुईं थीं अनियमितताएं
चंपावत। चंपावत नगर पालिका पहले भी नियम और प्रक्रियाओं के उल्लंघन के लिए घेरे में आ चुकी है। 15 अक्तूबर से 20 नवंबर 2018 तक नगर निकाय चुनावों को लेकर प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में आचार संहिता लागू थी। आचार संहिता से पहले पालिका के पास विकास कार्यों का तीन करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट था। इसमें से ज्यादातर का उपयोग इस अवधि में हुआ। आचार संहिता के दौरान 23 अक्तूबर को 70 कार्यों की निविदाएं खोलने के साथ 16 नवंबर को इन कार्यों का भुगतान भी कर दिया गया था। डीएम की ओर से बनाई जांच समिति ने अक्तूबर 2019 में तत्कालीन ईओ अभिनव कुमार को आचार संहिता के दौरान निर्माण कराने सहित कई अनियमितताओं, कुछ निविदाओं में अधिक दाम में सामग्री खरीदने, जीएसटी सहित रेट न देकर वित्तीय नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया गया। साथ ही तत्कालीन प्रशासक सीमा विश्वकर्मा को भी आचार संहिता उल्लंघन का दोषी पाया गया था।