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दुग्ध उत्पादन को और बढ़ावा देने के लिए 13 करोड़ रुपए की योजना प्रस्तावित
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लोहाघाट (चंपावत)। यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो चंपावत जिले में अत्याधुनिक तकनीक से बद्री गायों में कृत्रिम गर्भाधान कर वह 20 लीटर दूध देने लगेगी। उत्तराखंड पशुधन विकास बोर्ड (यूएलडीबी) की ओर से हर घर से दूध का उत्पादन करने के लिए 13 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बनाकर भारत सरकार को भेजा गया है। इसके लिए चंपावत जिले का चयन किया गया है।
यूएलडीबी के मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. एमएस नयाल ने जिले का भ्रमण करने के बाद बताया कि योजना के तहत प्रगतिशील पशुपालकों का संगठन बनाकर उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएं दी जाएंगी। प्रत्येक समिति को पंजीकरण करना होगा। एक समिति में 200 तक सदस्य होंगे। इसमें प्रत्येक गाय में टैग नंबर पड़ेगा।
पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान में ऐसा वीर्य उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें केवल बछिया ही पैदा होगी। बाद में इन बछियाओं को सूबे के अन्य जिलों में समायोजित किया जाएगा। योजना के तहत समिति से जुड़े पशुपालकों को उनके घर में ही कृत्रिम गर्भाधान, चारा विकास, पशु चिकित्सा आदि सभी सुविधाएं दी जाएंगी। चंपावत जिले में सर्वाधिक 53 फीसदी क्रॉसब्रीड हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षित युवाओं को पशुलोक में तीन माह तक कृत्रिम गर्भाधान का प्रशिक्षण दिया जाएगा। राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान के तहत पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 15 मार्च तक चलेगा। डॉ. नयाल का कहना है कि यह कार्यक्रम चंपावत जिले की तस्वीर एवं लोगों की तकदीर बदलने में मील का पत्थर साबित होगा।
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यूएलडीबी के मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. एमएस नयाल ने जिले का भ्रमण करने के बाद बताया कि योजना के तहत प्रगतिशील पशुपालकों का संगठन बनाकर उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएं दी जाएंगी। प्रत्येक समिति को पंजीकरण करना होगा। एक समिति में 200 तक सदस्य होंगे। इसमें प्रत्येक गाय में टैग नंबर पड़ेगा।
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पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान में ऐसा वीर्य उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें केवल बछिया ही पैदा होगी। बाद में इन बछियाओं को सूबे के अन्य जिलों में समायोजित किया जाएगा। योजना के तहत समिति से जुड़े पशुपालकों को उनके घर में ही कृत्रिम गर्भाधान, चारा विकास, पशु चिकित्सा आदि सभी सुविधाएं दी जाएंगी। चंपावत जिले में सर्वाधिक 53 फीसदी क्रॉसब्रीड हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षित युवाओं को पशुलोक में तीन माह तक कृत्रिम गर्भाधान का प्रशिक्षण दिया जाएगा। राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान के तहत पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 15 मार्च तक चलेगा। डॉ. नयाल का कहना है कि यह कार्यक्रम चंपावत जिले की तस्वीर एवं लोगों की तकदीर बदलने में मील का पत्थर साबित होगा।
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