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Champawat News: पानी की समस्या को लेकर एसडीएम को दिया ज्ञापन
Mon, 29 Apr 2024 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 29 Apr 2024 10:58 PM IST
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लोहाघाट में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते दिगालीचौड़ के ग्रामीण।
लोहाघाट। दिगालीचौड़ क्षेत्र में पेयजल समस्या का निदान न होने पर लोगों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर आमरण अनशन की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन विभाग कोई दिलचस्पी नहीं ले रहा है।
सोमवार को नाकोट खोलिया के ग्राम प्रधान पवन कुमार और देवकी अधिकारी के नेतृत्व में दिगालीचौड़ क्षेत्र के लोगों ने एसडीएम रिंकू बिष्ट को ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने कहा कि दिगालीचौड़, बाकू, धूरा और बुरकिल्ला में पेयजल समस्या गहरा गई है। क्षेत्र के सभी हैंडपंप खराब हो गए हैं। इससे लोग मीलों दूर जाकर पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि छह साल पहले दिगालीचौड़ में पानी के लिए बोरिंग की गई थी, लेकिन लोगों को योजना का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। इसके अलावा धूरा बुरकिल्ला तोक में भी एक साल पहले बोरिंग की गई थी। वह योजना भी अधूरी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त प्रशासन ने उन्हें पानी की समस्या से निजात दिलाने का भरोसा दिया था, इसके बाद उन्होंने मतदान किया।
एसडीएम ने लोगों को बताया कि जल संस्थान के अभियंता को क्षेत्र में हैंडपंप सही करने के लिए भेज दिया गया है। एसडीएम ने कार्यदायी संस्था से वार्ता के बाद 15 मई तक पंपिंग योजना भी शुरू करने की बात कही। लोगों ने एसडीएम के आश्वासन के बाद अनशन का निर्णय वापस लिया। इस मौके पर ग्राम प्रधान देवेंद्र बिष्ट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्कर बोहरा, गिरीश खोलिया, गोविंद बोहरा, मनोज काजी आदि मौजूद रहे।
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किरीगांव में डेढ़ माह से नहीं आया पानी
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के किरीगांव में पिछले डेढ़ माह से पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते लोग परेशान हैं। सोमवार को महिलाओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर शीघ्र पेयजल संकट दूर करने की मांग उठाई।
चैंसर, किरीगांव निवासी ग्रामीणों ने बताया कि हर घर नल, हर घर जल योजना के तहत किरीगांव में पेयजल योजना बनाई गई है। इस योजना में पहले से ही आपूर्ति बाधित होती थी। पिछले डेढ़ माह से पानी नहीं आ रहा है। आरोप लगाया कि बार-बार विभाग से कहने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि शीघ्र पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं की जाती है तो सात मई को पेयजल विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
इधर पेयजल संकट से त्रस्त सौन पट्टी क्षेत्र के दर्जन भर गांव के ग्रामीण सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ता विक्की भट्ट की अगुवाई में कलक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि आधा दर्जनों गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने वाली सौन गांव जलतुरी पेयजल योजना वर्तमान में क्षतिग्रस्त हालत में है। गर्मियां शुरू होते ही गांव में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लोगों को अपने और मवेशियों के लिए पानी जुटाना बेहद मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि जल महकमा स्रोत पर पानी कम होने की गलत सूचना दे रहा है, जबकि स्रोत पर पर्याप्त पानी है। ग्रामीणों ने पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व दर्जा राज्य मंत्री महेंद्र सिंह लुंठी, भास्कर भट्ट, ओमचंद विक्रम सौन, रविंद्र चंद्र, विक्रम चंद्र आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को नाकोट खोलिया के ग्राम प्रधान पवन कुमार और देवकी अधिकारी के नेतृत्व में दिगालीचौड़ क्षेत्र के लोगों ने एसडीएम रिंकू बिष्ट को ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने कहा कि दिगालीचौड़, बाकू, धूरा और बुरकिल्ला में पेयजल समस्या गहरा गई है। क्षेत्र के सभी हैंडपंप खराब हो गए हैं। इससे लोग मीलों दूर जाकर पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि छह साल पहले दिगालीचौड़ में पानी के लिए बोरिंग की गई थी, लेकिन लोगों को योजना का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। इसके अलावा धूरा बुरकिल्ला तोक में भी एक साल पहले बोरिंग की गई थी। वह योजना भी अधूरी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त प्रशासन ने उन्हें पानी की समस्या से निजात दिलाने का भरोसा दिया था, इसके बाद उन्होंने मतदान किया।
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एसडीएम ने लोगों को बताया कि जल संस्थान के अभियंता को क्षेत्र में हैंडपंप सही करने के लिए भेज दिया गया है। एसडीएम ने कार्यदायी संस्था से वार्ता के बाद 15 मई तक पंपिंग योजना भी शुरू करने की बात कही। लोगों ने एसडीएम के आश्वासन के बाद अनशन का निर्णय वापस लिया। इस मौके पर ग्राम प्रधान देवेंद्र बिष्ट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्कर बोहरा, गिरीश खोलिया, गोविंद बोहरा, मनोज काजी आदि मौजूद रहे।
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किरीगांव में डेढ़ माह से नहीं आया पानी
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के किरीगांव में पिछले डेढ़ माह से पानी नहीं आ रहा है। इसके चलते लोग परेशान हैं। सोमवार को महिलाओं ने कलक्ट्रेट पहुंचकर शीघ्र पेयजल संकट दूर करने की मांग उठाई।
चैंसर, किरीगांव निवासी ग्रामीणों ने बताया कि हर घर नल, हर घर जल योजना के तहत किरीगांव में पेयजल योजना बनाई गई है। इस योजना में पहले से ही आपूर्ति बाधित होती थी। पिछले डेढ़ माह से पानी नहीं आ रहा है। आरोप लगाया कि बार-बार विभाग से कहने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि शीघ्र पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं की जाती है तो सात मई को पेयजल विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
इधर पेयजल संकट से त्रस्त सौन पट्टी क्षेत्र के दर्जन भर गांव के ग्रामीण सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ता विक्की भट्ट की अगुवाई में कलक्ट्रेट पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि आधा दर्जनों गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने वाली सौन गांव जलतुरी पेयजल योजना वर्तमान में क्षतिग्रस्त हालत में है। गर्मियां शुरू होते ही गांव में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। लोगों को अपने और मवेशियों के लिए पानी जुटाना बेहद मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि जल महकमा स्रोत पर पानी कम होने की गलत सूचना दे रहा है, जबकि स्रोत पर पर्याप्त पानी है। ग्रामीणों ने पेयजल समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में पूर्व दर्जा राज्य मंत्री महेंद्र सिंह लुंठी, भास्कर भट्ट, ओमचंद विक्रम सौन, रविंद्र चंद्र, विक्रम चंद्र आदि मौजूद रहे।