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Champawat News: चंपावत कैंपस में नहीं होती एम कॉम की पढ़ाई
Tue, 14 Jan 2025 11:18 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 14 Jan 2025 11:18 PM IST
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चंपावत। जिला मुख्यालय में चंपावत कैंपस में एम कॉम की पढ़ाई नहीं हो रही है। बीकॉम पढ़ने के बाद छात्र-छात्राओं को एम कॉम की पढ़ाई के लिए बाहरी जिलों की दौड़ लगानी पड़ती है।
छात्रनेता लगातार एम कॉम संचालन की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी इस मांग पर काम नहीं हो सका। कैंपस बनकर तैयार हो गया है, लेकिन एम कॉम की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, नैनीताल जाना पड़ता है। साधन संपन्न परिवारों के लिए यह संभव है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए आसान नहीं है।
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एम कॉम की पढ़ाई कैंपस में शुरू होती तो बढ़ी राहत मिलती। बीकॉम के बाद एम कॉम की पढ़ाई के लिए नैनीताल कैंपस जाना पड़ा। इसके लिए कई बार मांग भी गई। - मनीष महर, छात्रा नेता, चंपावत कैंपस
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- एम कॉम का संचालन कैंपस में होता है तो निश्चित तौर पर छात्र संख्या में वृद्धि होगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को अधिक लाभ मिलेगा। - सनी वर्मा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, चंपावत कॉलेज।
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छात्रनेता लगातार एम कॉम संचालन की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी इस मांग पर काम नहीं हो सका। कैंपस बनकर तैयार हो गया है, लेकिन एम कॉम की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, नैनीताल जाना पड़ता है। साधन संपन्न परिवारों के लिए यह संभव है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए आसान नहीं है।
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एम कॉम की पढ़ाई कैंपस में शुरू होती तो बढ़ी राहत मिलती। बीकॉम के बाद एम कॉम की पढ़ाई के लिए नैनीताल कैंपस जाना पड़ा। इसके लिए कई बार मांग भी गई। - मनीष महर, छात्रा नेता, चंपावत कैंपस
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- एम कॉम का संचालन कैंपस में होता है तो निश्चित तौर पर छात्र संख्या में वृद्धि होगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को अधिक लाभ मिलेगा। - सनी वर्मा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, चंपावत कॉलेज।