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सांसदों के व्यवहार में परिपक्वता और शालीनता जरूरी: कोश्यारी
Sat, 23 Sep 2023 11:23 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 23 Sep 2023 11:23 PM IST
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चंपावत में पत्रकार वार्ता करते पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी। संवाद
चंपावत। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि संसदीय मर्यादा लोकतंत्र की नींव है। किसी भी सांसद के व्यवहार और आचरण में परिपक्वता और शालीनता की अपेक्षा की जाती है। शनिवार को निजी होटल में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सांसद रमेश बिधूड़ी की आपत्तिजनक टिप्पणी को लोकसभा की कार्रवाई से निकालने के अलावा सत्तारूढ़ दल की ओर से नोटिस देकर कड़ा संदेश दिया गया है।
पूर्व राज्यपाल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन विधेयक को संसद से पारित कराना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व क्षमता की विजय है। इस कानून के लागू होने से देश की राजनीतिक में संवेदनशीलता के साथ गुणात्मक बदलाव आएगा। कोश्यारी ने कहा कि वे सक्रिय राजनीति में नहीं आएंगे। उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक हालात में सुधार, पलायन रोकने से के प्रयास करेंगे। इससे पूर्व उन्होंने वरिष्ठ नेताओं नरेंद्र लडवाल, श्याम नारायण पांडे, शंकर पांडे, बहादुर सिंह फर्त्याल, निर्मल माहरा, मुकेश कलखुड़िया, गोविंद सामंत, प्रकाश तिवारी, विजय वर्मा आदि से विभिन्न मुद्दों पर मंत्रणा की।
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पूर्व राज्यपाल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन विधेयक को संसद से पारित कराना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व क्षमता की विजय है। इस कानून के लागू होने से देश की राजनीतिक में संवेदनशीलता के साथ गुणात्मक बदलाव आएगा। कोश्यारी ने कहा कि वे सक्रिय राजनीति में नहीं आएंगे। उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक हालात में सुधार, पलायन रोकने से के प्रयास करेंगे। इससे पूर्व उन्होंने वरिष्ठ नेताओं नरेंद्र लडवाल, श्याम नारायण पांडे, शंकर पांडे, बहादुर सिंह फर्त्याल, निर्मल माहरा, मुकेश कलखुड़िया, गोविंद सामंत, प्रकाश तिवारी, विजय वर्मा आदि से विभिन्न मुद्दों पर मंत्रणा की।
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