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पानी को तरस रहे सीमांत के लोग, तीन हफ्ते से ठीक नहीं हुई पेयजल योजना

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jul 2021 12:24 AM IST
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Marginal people craving for water, drinking water scheme has not been cured for three weeks
चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के तामली क्षेत्र के लोग तीन सप्ताह से पानी के लिए तरस रहे हैं। अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त तामली-हरम पेयजल योजना को जल संस्थान अब भी ठीक नहीं करा पाया है।
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सीमांत के तामली, पोलप, बचकोट, कंडोला, नाग, चामी गांव के लोग योजना क्षतिग्रस्त होने से बुरी तरह परेशान हैं। नागरिकों का कहना है कि तीन हजार से अधिक की आबादी वाले इन क्षेत्रों के लोग नौलों से पानी ढोने के लिए मजबूर हो रहे हैं। देवेंद्र जोशी, राजेश पांडेय, मोहन बोहरा, चंचल सिंह, परमानंद, गणेश जोशी, रघुवर सिंह, महासिंह आदि का कहना है कि पेयजल आपूर्ति ठप होने की जानकारी दिए जाने के बावजूद इसे ठीक नहीं कराया जा सका है। ग्रामीणों ने पेयजल लाइन ठीक नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं जल संस्थान के एएई परमानंद पुनेठा का कहना है कि क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को ठीक कराने के लिए टीम भेजी गई है। एक दिन में खामी दूर कर ली जाएगी।
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बारिश के बाद चंपावत क्षेत्र में बेहतर हुए हालात
चंपावत। चंपावत नगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बारिश के बाद बेहतर हुई है। चंपावत क्षेत्र को हर रोज 13.50 लाख लीटर पानी की जरूरत है। इसके सापेक्ष इन दिनों सात लाख लीटर पानी की आपूर्ति हो रही है। जबकि गर्मियों में पानी की उपलब्धता का आंकड़ा साढ़े चार लाख लीटर से भी कम हो जाता है।
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कोट
बारिश से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन लंबे समय से ठीक नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। वह नौलों से पानी ढोने को मजबूर हो रहे हैं।
भुवन जोशी, तामली।
दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों की सरकारी महकमे अनदेखी करते रहे हैं। पेयजल आपूर्ति नहीं होने की जानकारी दिए जाने के बावजूद मरम्मत में हीलाहवाली से लोग परेशान हो रहे हैं।
विमल, तामली।
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