{"_id":"596260af4f1c1b83148b46fc","slug":"malaysian-embassy-asks-ashok-s-documents","type":"story","status":"publish","title_hn":"मलयेशिया दूतावास ने अशोक के दस्तावेज मंगाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मलयेशिया दूतावास ने अशोक के दस्तावेज मंगाए
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट (चंपावत)
Updated Sun, 09 Jul 2017 10:28 PM IST
विज्ञापन
मलयेशिया में पुलिस द्वारा पकड़े गए लधियाघाटी के अशोक के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
एक माह के पर्यटक वीजा से मलयेशिया गए लधिया घाटी क्षेत्र के अशोक भट्ट को वहां की पुलिस द्वारा कैद करने के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुला हाल है। अशोक के चचेरे भाई सुनील भट्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक से भेंट कर मदद की गुहार लगाई है। भारतीय दूतावास से संपर्क करने वाले लधिया घाटी संगठन के कार्यकर्ता को दूतावास के अधिकारियों ने कार्यवाही का आश्वासन दिया है। मलयेशिया स्थित दूतावास ने अशोक के तमाम दस्तावेज मंगवाए हैं।
अशोक भट्ट 8 जून को पर्यटक वीजा में मलयेशिया में रह रहे पंजाब निवासी अपने मित्र संदीप सिंह के वहां गया था। इसी दौरान 17 जून को जब अशोक मलयेशिया की जौहार बाहरो बाजार में घूमने निकला, तो वह दोस्त के कमरे में अपना पासपोर्ट और वीजा भूल आया। पुलिस चैकिंग के दौरान जब उससे वीजा और पासपोर्ट मांगा, तो अशोक ये दस्तावेज पुलिस को नहीं दिखा पाया। जिसके बाद मलयेशिया पुलिस ने वीजा न दिखाने पर गिरफ्तार कर 14 दिन की हिरासत में लिया। मलयेशिया में रहने वाले अशोक के मित्र संदीप ने अशोक के मलयेशिया पुलिस की गिरफ्त में होने की जानकारी परिजनों को दी। तबसे अशोक के पिता विद्याधर भट्ट, मां ईश्वरी देवी, बहिन रेनू भट्ट, बड़े भाई राकेश भट्ट का बुरा हाल है।
लधिया घाटी संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता नवीन भंडारी ने अशोक को मलयेशिया पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने की सूचना वहां के भारतीय दूतावास को दी। जिसके बाद भारतीय दूतावास ने अशोक के तमाम कागजात मंगवाए। नवीन ने बताया कि मलयेशिया में भारतीय दूतावास के अधिकारी राजीव अहीर ने फोन कर अशोक की रिहाई के लिए शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया है। दूतावास पहुंचे अशोक के मित्र संदीप ने भी नवीन से बात कराई। इस कवायद से अशोक के मलयेशिया पुलिस की गिरफ्त से छूटने की आस जगी है। लधिया घाटी संगठन विदेश मंत्री और विदेश मंत्रालय के आला अधिकारियों से भी संपर्क साध रहा है। वहीं अशोक के चचेेरे भाई सुनील भट्ट ने बताया कि संदीप से उनकी लगातार बात हो रही है। अशोक के जेल जाने के बाद से संदीप उससे तीन बार मिल चुका है।
विज्ञापन
अशोक भट्ट 8 जून को पर्यटक वीजा में मलयेशिया में रह रहे पंजाब निवासी अपने मित्र संदीप सिंह के वहां गया था। इसी दौरान 17 जून को जब अशोक मलयेशिया की जौहार बाहरो बाजार में घूमने निकला, तो वह दोस्त के कमरे में अपना पासपोर्ट और वीजा भूल आया। पुलिस चैकिंग के दौरान जब उससे वीजा और पासपोर्ट मांगा, तो अशोक ये दस्तावेज पुलिस को नहीं दिखा पाया। जिसके बाद मलयेशिया पुलिस ने वीजा न दिखाने पर गिरफ्तार कर 14 दिन की हिरासत में लिया। मलयेशिया में रहने वाले अशोक के मित्र संदीप ने अशोक के मलयेशिया पुलिस की गिरफ्त में होने की जानकारी परिजनों को दी। तबसे अशोक के पिता विद्याधर भट्ट, मां ईश्वरी देवी, बहिन रेनू भट्ट, बड़े भाई राकेश भट्ट का बुरा हाल है।
विज्ञापन
लधिया घाटी संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता नवीन भंडारी ने अशोक को मलयेशिया पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने की सूचना वहां के भारतीय दूतावास को दी। जिसके बाद भारतीय दूतावास ने अशोक के तमाम कागजात मंगवाए। नवीन ने बताया कि मलयेशिया में भारतीय दूतावास के अधिकारी राजीव अहीर ने फोन कर अशोक की रिहाई के लिए शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया है। दूतावास पहुंचे अशोक के मित्र संदीप ने भी नवीन से बात कराई। इस कवायद से अशोक के मलयेशिया पुलिस की गिरफ्त से छूटने की आस जगी है। लधिया घाटी संगठन विदेश मंत्री और विदेश मंत्रालय के आला अधिकारियों से भी संपर्क साध रहा है। वहीं अशोक के चचेेरे भाई सुनील भट्ट ने बताया कि संदीप से उनकी लगातार बात हो रही है। अशोक के जेल जाने के बाद से संदीप उससे तीन बार मिल चुका है।
विज्ञापन