फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Made toilets, now pay for payment

शौचालय बना दिए, अब भुगतान को तरसे

Sun, 08 Oct 2017 10:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। Updated Sun, 08 Oct 2017 10:17 PM IST
विज्ञापन
Made toilets, now pay for payment
शौचालय बनान के बाद भी नहीं मिली प्रोत्साहन राशि - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
चंपावत। जनपद को नवंबर 2016 में खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया जा चुका है। 2012 के सर्वे के लक्ष्य के मुताबिक 49209 शौचालय बनाने का दावा भी किया जा चुका है। मगर कई लोग अब भी न केवल शौचालय से वंचित हैं, बल्कि शौचालय बना चुके कई लोग प्रोत्साहन राशि के लिए भी तरस रहे हैं। आदिम जनजाति बाहुल्य वन रावत गांव खिरद्वारी के 124 परिवारों को शौचालय बनाने के दो माह बाद भी पूरा भुगतान नहीं हो सका है। जबकि प्रोत्साहन राशि के भुगतान की मांग को लेकर यहां के ग्रामीण कई बार स्वजल से गुहार लगा चुके हैं। 

 जिला मुख्यालय से करीब 51 किलोमीटर दूर पोथ ग्राम पंचायत के खिरद्वारी गांव के  सभी 124 परिवारों में शौचालय का निर्माण होने में शुरू से ही परेशानी आ रही थी। ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी का कहना है कि इसके चलते स्वजल ने ग्राम पंचायत से अनुबंध कर इन शौचालयों का निर्माण कराया। यहां के सभी परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन (बीपीएल) करते हैं। महेश सिंह, सरस्वती देवी सहित तमाम लोगों ने जैसे-तैसे निर्माण सामग्री को टनकपुर से उधार लेकर काम पूरा कराया। 
विज्ञापन


निर्माण पूरा होने से पूर्व प्रति परिवार छह हजार रुपये की राशि दी गई।
 प्रधान का कहना है कि अब शौचालय निर्माण पूरे  हुए करीब दो माह हो चुके हैं, लेकिन प्रति शौचालय छह हजार रुपये की देनदारी अभी तक नहीं दी गई है। इसे लेकर कई बार स्वजल से आग्रह भी किया जा चुका है। स्वजल के लेखा लिपिक कमल मेहता का कहना है कि काम पूरा होने के बाद शुरू में भौतिक सत्यापन की ऑनलाइन प्रक्रिया (जियो टेगिंग) में दिक्कत आई। अब इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। अगले 15 दिनों में भुगतान कर दिया जाएगा। वहीं मुख्य विकास अधिकारी एसएस बिष्ट का कहना है कि बजट की कमी से अभी कुछ शौचालयों के निर्माण होने के बावजूद दूसरी किस्त बकाया है। बजट आते ही ऐसे सभी भुगतान कर दिए जाएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन



दो साल से प्रोत्साहन राशि का इंतजार कर रहा दिव्यांग 
रीठा साहिब। पाटी विकासखंड की मछियाड़ ग्राम पंचायत के दिव्यांग गंगा सिंह ने जून 2015 में शौचालय बनाया। मगर दो साल से अधिक बीतने के बावजूद उन्हें आज तक प्रोत्साहन राशि के रूप में 12 हजार रुपये नहीं मिल पाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन से लेकर सीएम तक से आग्रह किए जाने के बावजूद यह राशि उन्हें नहीं मिल पाई है। अब वे इस मसले को मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल के जरिये उठाएंगे। इधर स्वजल का कहना है कि उनके अभिलेखों के हिसाब से गंगा सिंह को 2012 से पूर्व में ही प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed