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मां पूर्णागिरि मेले की अवधि बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
Updated Tue, 13 Jun 2017 11:09 PM IST
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मां पूर्णागिरि मेले को लेकर अधिकारियों की बैठक लेते मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल।
- फोटो : amar ujala
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विधायक कैलाश गहतोड़ी के निर्देश और मंदिर समिति की आग्रह पर प्रशासन ने पूर्णागिरि मेले की अवधि 24 जून तक बढ़ा दी है। इससे श्रद्धालुओं को नौ दिन और सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल ने मंगलवार को मेले की व्यवस्थाओं से जुड़े विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर 24 जून तक व्यवस्थाएं यथावत रखने के निर्देश दिए हैं।
हर साल होली के अगले दिन से शुरू होने वाला उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला इस बार 14 मार्च से शुरू हुआ। मेले की अवधि 14 मार्च से 15 जून तक तय थी, लेकिन मेले में श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक गहतोड़ी के निर्देश पर प्रशासन को मेला अवधि बढ़ानी पड़ी है।
मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम ने बताया कि मेले की अवधि 24 जून तक बढ़ाई गई है, लेकिन इससे पहले मौसम अत्यधिक खराब होने की स्थिति में मेला समाप्त भी किया जा सकता है। मेला मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों की बैठक लेकर बढ़ाई गई मेला अवधि तक व्यवस्थाओं को बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
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बैठक में विद्युत विभाग के एसडीओ बीएम भट्ट, जिला पंचायत के विजय उप्रेती, मंदिर समिति अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय, चिकित्सा अधीक्षक एचएस ह्यांकी, रोडवेज के एआरएम केएस राणा, जलसंस्थान के एई प्रेमजी श्रीवास्तव, प्रभारी कोतवाल सुरेंद्र सिंह खड़ायत, लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट, परिवहन विभाग के प्रशासनिक अधिकारी मनोज कुमार सन्वाल आदि मौजूद थे।
अब तक 25 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन : मेला प्रशासन
14 मार्च से शुरू हुए मां पूर्णागिरि मेले में अब तक 25 लाख से अधिक श्रद्धालु देवी के दर्शन कर चुके हैं। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि ट्रेन सेवा बंद रहने के बावजूद मां के दरबार में बड़ी संख्या में भक्तों की आवाजाही रही।
उन्होंने पुलिस द्वारा की गई श्रद्धालुओं की गिनती के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि मेले के 92 दिनों में दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 25 लाख से अधिक पहुंच गई है, जबकि मेला अवधि बढ़ाने के बाद अभी मेले के 11 दिन और शेष बचे हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या का आंकड़ा 26 लाख से अधिक पहुंच सकता है।
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हर साल होली के अगले दिन से शुरू होने वाला उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला इस बार 14 मार्च से शुरू हुआ। मेले की अवधि 14 मार्च से 15 जून तक तय थी, लेकिन मेले में श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक गहतोड़ी के निर्देश पर प्रशासन को मेला अवधि बढ़ानी पड़ी है।
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मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम ने बताया कि मेले की अवधि 24 जून तक बढ़ाई गई है, लेकिन इससे पहले मौसम अत्यधिक खराब होने की स्थिति में मेला समाप्त भी किया जा सकता है। मेला मजिस्ट्रेट ने अधिकारियों की बैठक लेकर बढ़ाई गई मेला अवधि तक व्यवस्थाओं को बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
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बैठक में विद्युत विभाग के एसडीओ बीएम भट्ट, जिला पंचायत के विजय उप्रेती, मंदिर समिति अध्यक्ष भुवन चंद्र पांडेय, चिकित्सा अधीक्षक एचएस ह्यांकी, रोडवेज के एआरएम केएस राणा, जलसंस्थान के एई प्रेमजी श्रीवास्तव, प्रभारी कोतवाल सुरेंद्र सिंह खड़ायत, लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट, परिवहन विभाग के प्रशासनिक अधिकारी मनोज कुमार सन्वाल आदि मौजूद थे।
अब तक 25 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन : मेला प्रशासन
14 मार्च से शुरू हुए मां पूर्णागिरि मेले में अब तक 25 लाख से अधिक श्रद्धालु देवी के दर्शन कर चुके हैं। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि ट्रेन सेवा बंद रहने के बावजूद मां के दरबार में बड़ी संख्या में भक्तों की आवाजाही रही।
उन्होंने पुलिस द्वारा की गई श्रद्धालुओं की गिनती के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि मेले के 92 दिनों में दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 25 लाख से अधिक पहुंच गई है, जबकि मेला अवधि बढ़ाने के बाद अभी मेले के 11 दिन और शेष बचे हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या का आंकड़ा 26 लाख से अधिक पहुंच सकता है।