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Champawat News: पूर्णागिरि धाम में 10 साल में पहली बार लटके दुकानों पर ताले

Mon, 10 Jul 2023 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Mon, 10 Jul 2023 11:09 PM IST
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Locks on shops hanging for the first time in 10 years in Purnagiri Dham
पूर्णागिरि धाम में १३ साल में पहली बार दुकानों में लटके ताले। संवाद
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। बरसात में भी गुलजार रहने वाला मां पूर्णागिरि धाम इन दिनों सन्नाटे में है। देवी दर्शन के लिए न कोई श्रद्धालु है और न ही धाम में कोई कारोबारी। 10 साल में पहली बार देवी धाम की दुकानों पर ताले लटक गए हैं। इन सबकी वजह है पूर्णागिरि धाम मार्ग पर बाटनागाड़ में आया भारी मलबा।
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देवी धाम में पिछले साल जुलाई के पहले 10 दिन में 25 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे लेकिन इस बार चार जुलाई से धाम में आवाजाही बंद है। धाम जाने वाली सड़क पर टनकपुर से आठ किमी दूर बाटनागाड़ में आए भारी मलबे से छोटे-बड़े हर तरह के वाहनों का आवागमन बंद है। तीन जुलाई तक करीब पांच हजार श्रद्धालु धाम पहुंचे थे। इसके बाद से आज तक एक भी श्रद्धालु ने दर्शन नहीं किया है। ज्यादातर दुकानें बंद कर दी गई हैं और 90 प्रतिशत से अधिक कारोबारी यहां से जा चुके हैं। धाम की तमाम गतिविधियां थम सी गई हैं।
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इनसेट
2013 में तीन माह बंद रहा था बाटनागाड़
चंपावत। मां पूर्णागिरि धाम में इससे पहले सिर्फ एक बार ऐसे हालात बने थे जब धाम में स्थित दुकानें बंद रही थीं। वर्ष 2013 में आई भारी अतिवृष्टि से बाटनागाड़ में मलबा और बोल्डर आए थे। तब करीब तीन महीने तक टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग बंद रहा था। शारदीय नवरात्र से एक दिन पहले बाटनागाड़ को आवाजाही के लायक बनाया जा सका था। इस बार चार जुलाई से बाटनागाड़ में आए मलबे के कारण आठ दिन से आवाजाही बंद है। संवाद
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इनसेट
बाटनागाड़ नाले पर बनेगा पुल
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। बाटनागाड़ का नाला पूर्णागिरि धाम के अलावा सीमांत के मद्देनजर खासा महत्वपूर्ण है। नेपाल सीमा से लगी टनकपुर-जौलजीबी सड़क और ककरालीगेट-भैरव मंदिर सड़क पर आवाजाही के लिए यहीं से होकर गुजरना होता है। 600 मीटर लंबे बाटनागाड़ का अधिकांश हिस्सा श्यामलाताल के पास बिसौरिया से होने वाले भूस्खलन की वजह से रोखड़ में तब्दील है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस साल नौ मार्च को बाटनागाड़ पर पुल निर्माण का एलान किया था। अब देखने वाली बात यह है कि घोषणा का यह पुल धरातल पर कब तक उतर पाता है। संवाद
कोट
बाटनागाड़ में आए मलबे ने श्रद्धालुओं की राह में बाधा डाली है। श्रद्धालु पूर्णागिरि देवी के दर्शन नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही धाम का कारोबार भी ठप हो गया है। - पंडित मोहन पांडेय, पूर्णागिरि धाम।
कोट
बाटनागाड़ में मलबे ने पूर्णागिरि धाम से लेकर आसपास के गांवों में दिक्कत पैदा कर दी है। वहीं दस साल में कारोबारी भी पहली बार धाम क्षेत्र की दुकानें बंद करने को मजबूर हुए हैं। - पंडित राजेंद्र तिवारी, पूर्णागिरि धाम।
कोट
सावन में सोमवार ही नहीं कमोवेश पूरे महीने श्रद्धालु देवी धाम पहुंचते है लेकिन बाटनागाड़ में आए मलबे ने इस बार देवी धाम में तीर्थयात्रियों को आने से रोक दिया है। मलबे को हटाने के लिए और अधिक मशीन लगाई जानी चाहिए। - पंडित किशन तिवारी, अध्यक्ष, मंदिर समिति, पूर्णागिरि।


कोट
टनकपुर-ठुलीगाड़ सड़क पर बाटनागाड़ में आए मलबे को हटाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। दो पोकलेन और दो अन्य मशीन लगाई गई हैं। मौसम ठीक रहने और पहाड़ी से मलबा नहीं आने पर इस सप्ताह बाटनागड़ से मलबा हटा लिया जाएगा। - सुंदर सिंह, एसडीएम, टनकपुर।

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