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तल्लादेश के ड्राइवर सुनील ने राजस्थान में ट्रक में काटीं 40 रातें

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 10 May 2020 10:33 PM IST
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Lockdown in Champawat
ट्रक में 40 रातें काटने वाला ट्रक ड्राइवर सुनील। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के मंच गांव के सुनील उन 40 रातों को कभी नहीं भूलेंगे, जो वक्त उन्होंने राजस्थान में ट्रक के भीतर काटा। सड़क किनारे वहीं खाना बनाया और खाया। इस दौरान उस अनजान जगह पर पूरी तरह अकेले 30 साल के इस शख्स का हमराही सिर्फ मोबाइल फोन बना लेकिन उसमें भी बैटरी खत्म होने की दिक्कत आती रही। सरकारी रियायत मिलने के बाद चंपावत पहुंचे इस युवक को रविवार को उसके गांव मंच भेजा गया।
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देश में 25 मार्च से जारी लॉकडाउन से तीन मई तक ड्राइवर सुनील की जिंदगी ट्रक की रफ्तार नहीं, बल्कि रुके ट्रक में कटी। वह भी अकेले, उसके साथ ट्रक में हेल्पर भी नहीं था। सुनील 23 मार्च को सामान लेकर दिल्ली से हैदराबाद चले। माल उतारकर सुनील पांच दिन में वापस दिल्ली पहुंचते, लेकिन 25 मार्च को ही कोरोना से बचाव को लॉकडाउन लागू हो गया। वह फंसे रहे। चंपावत पहुंचे सुनील बताते हैं कि 25 मार्च से तीन मई तक पूूरे 40 दिन उसने ट्रक में ही खाना बनाया। इस दौरान ट्रक मालिक गगनदीप ने उसकी मदद की। उन्हें खाने और अन्य जरूरी खर्च के लिए धन की व्यवस्था कराई। तीन मई को वह दिल्ली पहुंचे। शनिवार रात चंपावत पहुंचने के बाद रविवार शाम मंच पहुंचने पर गदगद सुनील बताते हैं कि मंच में माता-पिता और पूरा परिवार रहता है। पत्नी गर्भवती है। इसलिए वह जल्द से जल्द घर पहुंचना चाहता है। रविवार को उसका यह सपना पूरा हुआ। स्क्रीनिंग के बाद सुनील को मंच भेज दिया गया। अलबत्ता वह उन 40 रातों को कभी नहीं भूला पाएगा।
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