फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Less Doctor in Hospital of Rural Champawat

जख्मों पर मरहम नहीं घाव हरे कर रहा टांण का अस्पताल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 08 Apr 2022 11:52 PM IST
विज्ञापन
Less Doctor in Hospital of Rural  Champawat
डॉक्टर विहीन देवीधुरा का अस्पताल। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। न दवा, न डॉक्टर और न ही फार्मासिस्ट। यहां तक कि बिजली का कनेक्शन तक नहीं। फिर भी दावा मरीजों को चंगा करने का। ये बदरंग तस्वीर है लधिया घाटी के दूरस्थ टांण के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की। दरअसल लाखों रुपये से बना यह अस्पताल लोगों को दवा कम दर्द ज्यादा दे रहा है।
विज्ञापन

लधिया घाटी के दर्जनों गांवों के लोगों की तकलीफ को कम करने के लिए राज्य बनने के बाद टांण में अस्पताल खोला गया लेकिन इसका रत्तीभर भी फायदा ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। लंबे समय से अस्पताल में डॉक्टर नहीं है। दिसंबर 2016 से डॉक्टर विहीन इस अस्पताल में कुछ महीने पहले एक डॉक्टर को भेजा गया था लेकिन तीन सप्ताह से अस्पताल में डॉक्टर नहीं है। पिछले साल सुंदरनाथ का तबादला स्वांला करने से फार्मासिस्ट का पद भी रिक्त है। अकेला वार्डब्वाय अस्पताल खोलने से लेकर मर्ज के आधार पर दवा बांटने का काम कर रहा है।
विज्ञापन

वार्डब्वाय राजेंद्र गिरि गोस्वामी का कहना है कि अस्पताल में दवाओं की भी कमी है। सिर्फ बुखार और जुकाम की ही दवा है। इस वजह से टांण, साल, डांडा, ककनई, खटोली, वैला, मछियाड़ आदि गांवों के तीन हजार से अधिक लोगों को अस्पताल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मामूली इलाज के लिए भी वे यहां से 99 किमी दूर चंपावत या लोहाघाट आने के लिए मजबूर हैं। रीठा साहिब अस्पताल में सप्ताह के शुरू के चार दिन न डॉक्टर था और न ही फार्मासिस्ट। शुक्रवार को अस्पताल में फार्मासिस्ट मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

टांण के डॉ. गुरप्रीत सहिं पूर्णागिरि मेले में 19 मार्च से दो अप्रैल तक ड्यूटी में थे। उसके बाद से वे अस्पताल नहीं आए। अस्पताल के कार्मिक को पाटी से दवा लेने के लिए कहा गया लेकिन वे दवा लेने नहीं आए। इसलिए ये दिक्कत हो रही है। अब पाटी से टांण अस्पताल दवाओं को पहुंचाने का प्रबंध किया जाएगा। बिजली के कनेक्शन के लिए ऊर्जा निगम में आवेदन किया जा रहा है।
डॉ. ज्ञानेश्वर यादव, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पाटी।
भिंगराड़ा में एएनएम देख रही मरीज
चंपावत। पाटी ब्लॉक के भिंगराड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के हाल भी बदतर है। यहां शुक्रवार को न डॉक्टर थे और न ही फार्मासिस्ट। एएनएम केंद्र के कुछ कमरों में चल रहे इस अस्पताल में दोनों की गैर मौजूदगी की वजह से एएनएम गंगोत्री धामी मरीजों को देख रही हैं। पाटी के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि भिंगराड़ा की डॉ. गुरुशरण कौर को हर हफ्ते बुधवार और शुक्रवार को गर्भवती महिलाओं के इलाज के लिए पाटी बुलाया जा रहा है। इस वजह से इन दो दिनों में भिंगराड़ा के अस्पताल में इलाज में दिक्कतें आ रही हैं।

अकेले फार्मासिस्ट के हवाले मां देवीधुरा का अस्पताल
चंपावत। अल्मोड़ा और नैनीताल जिले की सीमा से लगे देवीधुरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन महीने से डॉक्टर नहीं है। मरीज की नब्ज देखने से लेकर दवा वितरण तक का काम अकेले फार्मासिस्ट नवीन गोस्वामी के जिम्मे है। ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट और देवीधुरा के ग्राम प्रधान ईश्वर सिंह बिष्ट ने अस्पताल की दिक्कतों को दूर करने की मांग करते हुए सीएमओ को ज्ञापन भेजा है। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि यहां के डॉक्टर पीजी के अध्ययन अवकाश में हैं। जिले में डॉक्टर भेजे जाने पर देवीधुरा में चिकित्सक भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed