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Champawat News: तेंदुए के खौफ में हैं चंपावत के कई ग्रामीण क्षेत्र
Sun, 02 Jul 2023 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 02 Jul 2023 10:58 PM IST
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चंपावत। सूखीढांग क्षेत्र के गजार की घटना से पहले से ही जिले के कई क्षेत्र लंबे समय से तेंदुए के खौफ में हैं। सूखीढांग, सिप्टी, बड़ोली, सिन्याड़ी, चौमेल, सांगो, बाराकोट आदि क्षेत्रों में काफी समय से लोग तेंदुए की दहशत के बीच जी रहे हैं। इनमें से कई गांवों की सड़क पर भी तेंदुआ लोगों को अक्सर दिखता है। टनकपुर-सूखीढांग सड़क और सिप्टी-अमकड़िया सड़क पर कई बार तेंदुआ सड़क पर नजर आया है। यहां तक कि पिछले साल 16 दिसंबर की रात टनकपुर के सीएम कैंप कार्यालय में एक तेंदुआ सीसीटीवी में कैद हुआ था।
चंपावत जिले में तेंदुए के हमले में तीन साल में यह तीसरी मौत है। सभी मृतक महिलाएं हैं। इसके अलावा पांच लोग तेंदुए के हमले में जख्मी भी हुए हैं। इसके अतिरिक्त मवेशियों पर हमले के 277 मामले सामने आए हैं। जिले में 76 तेंदुए हैं लेकिन इनमें से किसी को भी नरभक्षी घोषित नहीं किया गया है। डीएफओ आरसी कांडपाल का कहना है कि सूखीढांग क्षेत्र में पहले से ही पिंजरा लगाने के अलावा वन कर्मी गश्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि जंगल के क्षेत्र में सामान्य हालत में पिंजरा नहीं लगाया जाता है।
तेंदुए के हमले में हुईं मौतें
06 दिसंबर 2021 : चंपावत के ढकना बडोला गांव की मीना देवी की तेंदुए के हमले में मौत हुई।
31 जनवरी 2022 : चंपावत के नघान क्षेत्र में तेंदुए ने चंचला देवी को मार डाला।
02 जुलाई 2023 : चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज में जंगल में चारा लेने गई चंद्रावती की तेंदुए ने जान ली।
ये सावधानियां बरतें
ग्रामीण अकेले घास या लकड़ी के लिए जंगल ना जाएं।
महिलाएं घास आदि के लिए झुंड में ही जाएं।
जरूरी न हो तो अंधेरा होने के बाद घर न निकलें। अगर जरूरत हो तो समूह में जाएं।
जंगल में बच्चों को बिल्कुल भी साथ न ले जाएं।
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चंपावत जिले में तेंदुए के हमले में तीन साल में यह तीसरी मौत है। सभी मृतक महिलाएं हैं। इसके अलावा पांच लोग तेंदुए के हमले में जख्मी भी हुए हैं। इसके अतिरिक्त मवेशियों पर हमले के 277 मामले सामने आए हैं। जिले में 76 तेंदुए हैं लेकिन इनमें से किसी को भी नरभक्षी घोषित नहीं किया गया है। डीएफओ आरसी कांडपाल का कहना है कि सूखीढांग क्षेत्र में पहले से ही पिंजरा लगाने के अलावा वन कर्मी गश्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि जंगल के क्षेत्र में सामान्य हालत में पिंजरा नहीं लगाया जाता है।
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तेंदुए के हमले में हुईं मौतें
06 दिसंबर 2021 : चंपावत के ढकना बडोला गांव की मीना देवी की तेंदुए के हमले में मौत हुई।
31 जनवरी 2022 : चंपावत के नघान क्षेत्र में तेंदुए ने चंचला देवी को मार डाला।
02 जुलाई 2023 : चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज में जंगल में चारा लेने गई चंद्रावती की तेंदुए ने जान ली।
ये सावधानियां बरतें
ग्रामीण अकेले घास या लकड़ी के लिए जंगल ना जाएं।
महिलाएं घास आदि के लिए झुंड में ही जाएं।
जरूरी न हो तो अंधेरा होने के बाद घर न निकलें। अगर जरूरत हो तो समूह में जाएं।
जंगल में बच्चों को बिल्कुल भी साथ न ले जाएं।