{"_id":"638e0fe6410ef24c7c643b00","slug":"leopard-became-a-threat-in-sipti-and-caught-tranquilizing-it-champawat-news-hld4842382125","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: सिप्टी में खतरा बने तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: सिप्टी में खतरा बने तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ा
विज्ञापन
चंपावत। तेंदुए की दस्तक से खौफजदा सिप्टी क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। आबादी में आए तेंदुए को रविवार की रात ट्रेंकुलाइज कर पकड़ लिया गया। डीएफओ ने बताया कि हल्द्वानी से आई विशेषज्ञों की टीम ने ट्रेंकुलाइजर गन की मदद से तेंदुए को को काबू में किया गया। पकड़े गए तेंदुए को नैनीताल जिले के रानीबाग वन्यजीव बचाव केंद्र भेज दिया गया है।
एक पखवाड़े से सिप्टी क्षेत्र में सड़क और ग्रामीण आबादी के आसपास तेंदुए के मंडराने से लोग दहशत में थे। कई मवेशियों को निवाला बनाने वाले तेंदुए ने रविवार सुबह मजदूरी के लिए निकले नेपाली मजदूर गणेश बिष्ट पर हमला कर जख्मी कर दिया था। इलाज के बाद मजदूर की हालत में सुधार है। हमले की घटना के बाद वन विभाग ने हल्द्वानी से विशेषज्ञों की टीम बुलाई थी।
डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि हल्द्वानी से आए विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु पांगती के नेतृत्व में टीम ने रविवार रात करीब दस बजे ट्रेंकुलाइजर गन की मदद से तेंदुए को पकड़ लिया। इस गन सेे दूर से निशाना साध तेंदुए को बेहोश किया गया। बाद में तेंदुए को पिंजरे में डाल रानीबाग भेज दिया गया। तेंदुए की दस्तक से खौफ के साये में जी रहे सिप्टी क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
एक पखवाड़े से सिप्टी क्षेत्र में सड़क और ग्रामीण आबादी के आसपास तेंदुए के मंडराने से लोग दहशत में थे। कई मवेशियों को निवाला बनाने वाले तेंदुए ने रविवार सुबह मजदूरी के लिए निकले नेपाली मजदूर गणेश बिष्ट पर हमला कर जख्मी कर दिया था। इलाज के बाद मजदूर की हालत में सुधार है। हमले की घटना के बाद वन विभाग ने हल्द्वानी से विशेषज्ञों की टीम बुलाई थी।
विज्ञापन
डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि हल्द्वानी से आए विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु पांगती के नेतृत्व में टीम ने रविवार रात करीब दस बजे ट्रेंकुलाइजर गन की मदद से तेंदुए को पकड़ लिया। इस गन सेे दूर से निशाना साध तेंदुए को बेहोश किया गया। बाद में तेंदुए को पिंजरे में डाल रानीबाग भेज दिया गया। तेंदुए की दस्तक से खौफ के साये में जी रहे सिप्टी क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। संवाद
विज्ञापन