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सड़क कटिंग के दौरान ताख में रखे जा रहे हैं कायदे कानून

Fri, 27 Apr 2018 10:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत। Updated Fri, 27 Apr 2018 10:36 PM IST
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Laws are being kept in safe custody during road cutting
बारहमासी सड़क में डंपिंग जोन के बजाय रोड के किनारे मलबा फेंकती मशीनें। - फोटो : अमर उजाला
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर बारहमासी सड़क की कटिंग कार्य में प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद अंधेरगर्दी थम नहीं रही है। कटिंग के दौरान निकल रहे मलबे को डंपिंग जोन के बजाय सड़क किनारे बेधड़क  फेंका जा रहा है। इसके चलते यहां वन्य संपदा पर असर पड़ रहा है।
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एनएच पर धौन, स्वांला से लेकर सिन्याड़ी व सूखीढांग के ज्यादातर हिस्सों में सड़क की कटिंग का मलबा निर्धारित डंपिंग जोन के स्थान पर सड़क किनारे फेंका जा रहा है। इसके चलते वन संपदा और लोगों की निजी संपत्ति को भी नुकसान हो रहा है।
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इसी तरह एनएच के किनारे जगह-जगह पड़े मलबे को भी हटाने में हीलाहवाली हो रही है। स्वांला मंदिर के पास सात फरवरी को हुए जीप हादसे में ड्राइवर सहित सभी दस लोगों की मौत हो गई थी, मगर इस स्थान के आसपास भी रोड किनारे मलबे को नहीं हटाया गया है। इससे आवाजाही जोखिम भरी हो रही है।
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कोट
काम करा रही कंपनी को डंपिंग जोन में मलबे को फेंकने को कहा गया है। डंपिंग जोन के अलावा सड़क के किनारे कहीं भी मलबा फेंकने पर कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह स्वांला मंदिर के पास पड़े मलबे को नहीं हटाने पर नोटिस भेजा जाएगा। - एलडी मथेला, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोहाघाट।


दियूरी में मलबे से तबाह हो रहा बगीचा
बारहमासी सड़क की कटिंग में दियूरी गांव के लोग भी प्रभावित हुए हैं। इस गांव की जमीन के कटाव के साथ ही आम के बगीचों पर भी मार पड़ी है। इसे लेकर ग्रामीण बची सिंह, अर्जुन सिंह, राजन सिंह, सुरेश सिंह, नवीन सिंह, बची देवी, संजय सिंह, मयूख महर आदि ने एसडीएम को ज्ञापन दिया है। कहा कि रोड कटिंग में गिर रहे बोल्डरों की चोट से पेड़ों पर भी बड़े पैमाने पर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग के अलावा कार्यदायी एजेंसी पर जल्द कार्यवाही की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
 
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