चंपावत। कोरोना वायरस से बचाव के लिए 22 मार्च से जारी लॉकडाउन अभी लंबा चलेगा। संक्रमण के खतरे से बचने को ये कदम जरूरी भी है। लेकिन काम ठप होने से यहां रह गए मजदूरों के सामने ढेरों चुनौतियां है। नेपाल के कर्णाली के मोगू के चार मजदूर मान बहादुर, भगवत, मान प्रसाद, पदम दत्त लॉकडाउन से चंपावत में फंसे हैं।
काम के सिलसिले में लंबे समय से वे परिवार के साथ यहां रहते हैं लेकिन 22 मार्च से शुरू लॉकडाउन के बाद से उन्हें काम नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उन्हें कुल 700 रुपये की मजदूरी मिली है। प्रशासन की ओर से कुछ खाद्य सामग्री मिली लेकिन वह नाकाफी है। सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे बच्चों के लिए दूध की हो रही है। किराये का भी महीना पूरा होने से उन्हें चिंता सता रही है। कुछ ऐसा ही हाल जिले में तीन हजार से अधिक दिहाड़ी मजदूरों का है।