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टनकपुर में रेलवे अतिक्रमण हटाने से पहले होगा संयुक्त सर्वे

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jul 2022 11:27 PM IST
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Joint survey will be done before removing railway encroachment in Tanakpur
टनकपुर में डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी के सम्मुख समस्या रखते रेलवे अतिक्रमण से प्रभावित लोग। संवाद - फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि संयुक्त सर्वे की रिपोर्ट आने से पहले रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा। यहां तहसील सभागार में सोमवार को प्रभावित परिवारों की समस्याओं को सुनते हुए उन्होंने ये आदेश दिए। संयुक्त सर्वे के लिए पहले ही प्रशासन, पुलिस और रेलवे की टीम बनाई गई है। डीएम ने कहा कि अतिक्रमण हटाने में न्यायिक प्रक्रिया का पूरा पालन किया जाएगा।
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बैठक में बताया गया कि दस वादों में से अदालत में पांच वाद अब भी लंबित हैं। अतिक्रमण की गई जमीन पर कुछ लोगों द्वारा पक्के भवन निर्माण का मामला भी सामने आया है। डीएम ने सभी प्रभावित परिवारों से भूमि संबंधित दस्तावेजों को एसडीएम कार्यालय में प्रस्तुत करने के लिए कहा। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक पाठक, चेयरमैन विपिन वर्मा, पूर्व चेयरमैन हर्षवर्द्धन रावत ने रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण विरोधी अभियान की आड़ में उत्पीड़न न करने का आग्रह किया।
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बैठक में एसडीएम हिमांशु कफल्टिया, चेयरमैन विपिन वर्मा, तहसीलदार पिंकी आर्या, नगर पालिका के ईओ राहुल कुमार सिंह के अलावा कई अतिक्रमण प्रभावित परिवार मौजूद थे। डीएम ने बाद में रेलवे क्षेत्र का भी मुआयना किया। रेलवे इससे पूर्व 21 जून को अतिक्रमण विरोधी अभियान चला 102 कच्चे अतिक्रमण हटा चुकी है।
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रेलवे और राजस्व अभिलेखों में अंतर है विवाद की वजह
टनकपुर (चंपावत)। रेलवे विभाग की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई विवादों की वजह से चर्चा में रहती है। 21 जून को रेल विभाग ने 102 अतिक्रमणों को ध्वस्त किया लेकिन रेलवे के मुताबिक अभी काफी अतिक्रमण हटाए जाने हैं। अतिक्रमण विरोधी अभियान के विवाद की मुख्य वजह भूमि के स्वामित्व के अलग-अलग दावे हैं।

रेलवे विभाग और राजस्व विभाग के नक्शों में दर्ज भूमि के आंकड़े मेल नहीं खाते हैं। रेलवे और राजस्व विभाग के नक्शों में खासा अंतर है। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया का कहना है कि रेल और राजस्व विभाग के नक्शों और मौका मुआयना कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए तीन सदस्यों की समिति बनाई गई है। संवाद
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