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Champawat News: पलायन की रोकथाम के लिए बनेगी संयुक्त कार्ययोजना
Tue, 17 Oct 2023 11:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 17 Oct 2023 11:16 PM IST
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चंपावत। जिले में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के तहत विभिन्न विभागों की ओर से संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
गांवों से पलायन रोकने के लिए संबंधित विभागों की ओर से सर्वप्रथम गांवों का सर्वेंक्षण किया जाएगा। उसके बाद कृषि, उद्यान, उद्योग, पशुपालन, सिंचाई, शिक्षा, डेयरी, भेषज और मत्स्य विभाग की ओर से पलायन प्रभावित गांवों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
यहां जिला कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में डीएम ने कहा कि पलायन प्रभावित गांवों में काश्तकारों की आमदनी बढ़ाने के लिए गांव की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप कृषि और उद्यान विभाग की ओर से जिन फसलों और फलों की अधिक पैदावार है उसके लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। डीएम नवनीत पांडे ने बताया कि अधिकारियों को ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता देने को कहा गया है, जिससे काश्तकारों और कृषकों को वास्तव में लाभ प्राप्त हो और उनकी आजीविका में सुधार आए।
उन्होंने कहा कि मुख्य कृषि अधिकारी को किस क्षेत्र में कौन सी फसल की पैदावार अच्छी मात्रा में होती हैं। यह सर्वेक्षण करने के पश्चात योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सीमांत के उन कृषकों को लाभ मिले जिन्हें वास्तव में इनकी आवश्यकता है।
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गांवों से पलायन रोकने के लिए संबंधित विभागों की ओर से सर्वप्रथम गांवों का सर्वेंक्षण किया जाएगा। उसके बाद कृषि, उद्यान, उद्योग, पशुपालन, सिंचाई, शिक्षा, डेयरी, भेषज और मत्स्य विभाग की ओर से पलायन प्रभावित गांवों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
यहां जिला कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में डीएम ने कहा कि पलायन प्रभावित गांवों में काश्तकारों की आमदनी बढ़ाने के लिए गांव की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप कृषि और उद्यान विभाग की ओर से जिन फसलों और फलों की अधिक पैदावार है उसके लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। डीएम नवनीत पांडे ने बताया कि अधिकारियों को ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता देने को कहा गया है, जिससे काश्तकारों और कृषकों को वास्तव में लाभ प्राप्त हो और उनकी आजीविका में सुधार आए।
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उन्होंने कहा कि मुख्य कृषि अधिकारी को किस क्षेत्र में कौन सी फसल की पैदावार अच्छी मात्रा में होती हैं। यह सर्वेक्षण करने के पश्चात योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सीमांत के उन कृषकों को लाभ मिले जिन्हें वास्तव में इनकी आवश्यकता है।
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