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क्रीम पौडर घिसनी किले नै, मेरी निर्मला...
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पाटन पाटनी के झूमाधुरी महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार।
- फोटो : LOHAGHAT
लोहाघाट (चंपावत)। पाटन पाटनी, राइकोट महर, राइकोट कुंवर के प्रसिद्ध मां झूमाधुरी नंदाष्टमी महोत्सव में रंगारंग कार्यक्रमों की धूम शुरू हो गई है। स्थानीय बच्चों ने क्रीम पौडर घिसनी किले नै, मेरी निर्मला समझनी किले नै समेत कई गीतों पर शानदार नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
महोत्सव समिति के संरक्षक बाबा आदित्य दास की अध्यक्षता में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में कुमाऊं लोक सांस्कृतिक कला दर्पण लोहाघाट के दल नायक भैरव राय के नेतृत्व में कलाकारों ने हिमवंत देश हो ला त्रिज्यु की नरैण के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। लोकगायक प्रदीप कुमार एवं अन्य कलाकारों ने मधुली हिट दगड़ा पहाड़ जूला, पहाड़ को ठंडों पानी पियूला, तेरी रंगियाली पिछोड़ी कमू, रूपसार मोती घुंघुर न बजो छम की प्रस्तुति दी।
जनजागृति खटीमा के दल नायक अशोक खड़का के नेतृत्व में कलाकारों ने ओ नंदा सुनंदा तू दैणि है जाए, रानीखेत को राम ढोला आदि कुमाऊंनी, गढ़वाली, नेपाली राजस्थानी गीतों की झड़ी लगाई। स्थानीय बच्चों ने झुमक्यालि डोलि बैठी तू मेरा घर आली, क्रीम पौडर घिसनी किले नै, मेरी निर्मला समझनी किले नै गीत पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया।
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महोत्सव समिति के अध्यक्ष मोहन पाटनी ने कलाकारों और दर्शकों का स्वागत किया। शशांक पांडेय, गिरीश कुंवर के संचालन में आयोजित महोत्सव में ग्राम प्रधान जानकी बोहरा, बीडीसी सदस्य गंगा पाटनी, प्रकाश बोहरा, सुभाष विश्वकर्मा, रमेश पाटनी, महेंद्र कुंवर, कमल कुलेठा, प्रकाश विश्वकर्मा, शेखरानंद पाटनी, नरेश पाटनी, हेम पाटनी, पूरन राम, सुंदर नाथ गोस्वामी, प्रमोद पाटनी, ललित पांडेय आदि थे।
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महोत्सव समिति के संरक्षक बाबा आदित्य दास की अध्यक्षता में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में कुमाऊं लोक सांस्कृतिक कला दर्पण लोहाघाट के दल नायक भैरव राय के नेतृत्व में कलाकारों ने हिमवंत देश हो ला त्रिज्यु की नरैण के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। लोकगायक प्रदीप कुमार एवं अन्य कलाकारों ने मधुली हिट दगड़ा पहाड़ जूला, पहाड़ को ठंडों पानी पियूला, तेरी रंगियाली पिछोड़ी कमू, रूपसार मोती घुंघुर न बजो छम की प्रस्तुति दी।
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जनजागृति खटीमा के दल नायक अशोक खड़का के नेतृत्व में कलाकारों ने ओ नंदा सुनंदा तू दैणि है जाए, रानीखेत को राम ढोला आदि कुमाऊंनी, गढ़वाली, नेपाली राजस्थानी गीतों की झड़ी लगाई। स्थानीय बच्चों ने झुमक्यालि डोलि बैठी तू मेरा घर आली, क्रीम पौडर घिसनी किले नै, मेरी निर्मला समझनी किले नै गीत पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया।
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महोत्सव समिति के अध्यक्ष मोहन पाटनी ने कलाकारों और दर्शकों का स्वागत किया। शशांक पांडेय, गिरीश कुंवर के संचालन में आयोजित महोत्सव में ग्राम प्रधान जानकी बोहरा, बीडीसी सदस्य गंगा पाटनी, प्रकाश बोहरा, सुभाष विश्वकर्मा, रमेश पाटनी, महेंद्र कुंवर, कमल कुलेठा, प्रकाश विश्वकर्मा, शेखरानंद पाटनी, नरेश पाटनी, हेम पाटनी, पूरन राम, सुंदर नाथ गोस्वामी, प्रमोद पाटनी, ललित पांडेय आदि थे।