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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Janshani Yojana, away from ground realization

जमीनी कामयाबी से दूर जनधन योजना

Fri, 26 May 2017 10:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत Updated Fri, 26 May 2017 10:26 PM IST
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नरेंद्र मोदी सरकार को तीन साल पूरे हो गए हैं। सरकार बनने के करीब तीन माह बाद प्रधानमंत्री जनधन योजना चलाई गई। योजना के तहत चंपावत जिले में ही 57 हजार से अधिक खाते खुले। लेकिन इनमें से करीब 41 प्रतिशत खातेदारों को इस योजना का कतई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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हर व्यक्ति को बैंक खाते से जोड़ने के लिए जनधन योजना शुरू की गई। लोगों को बैंकों से जोड़ने के अलावा बीमा सुरक्षा और ओवरड्राफ्ट की सुविधा देना इसकी खास खूबी है। लेकिन इस योजना का फायदा लोगों को अमूूमन नहीं मिल पा रहा है। यहां तक कि योजना का लाभ उठाने के लिए जरूरी रुपे कार्ड तक अभी हजारों खाताधारकों तक नहीं पहुंच सके हैं। जिले में अभी 41.62 प्रतिशत खातेदारों को रुपे कार्ड नहीं मिल सके हैं।
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28 अगस्त 2014 से शुरू जनधन योजना से जिले के कुल 58 बैंकों में 57846 खाते खुले। लेकिन इस साल अप्रैल तक इनमें से 33772 लोगों को ही रुपे कार्ड मिल सके हैं। 24074 खातधारक अभी रुपे कार्ड से वंचित हैं। वहीं रुपे कार्ड का उपयोग करने के लिए जरूरी पिन (गोपनीय संख्या) भी काफी लोगों तक नहीं पहुंचा है। ढेरों पिन बैंकों की शाखाओं में पड़े हैं। इस तरह 57846 में से तकरीबन आधे खातेदार जनधन योजना के लाभ से सीधे तौर पर बाहर हैं। इसके अलावा ढेरों ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने रुपे कार्ड का निर्धारित 90 दिनों के भीतर अनिवार्य उपयोग नहीं किया है।
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ओवरड्राफ्ट को आधार लिंक जरूरी
जनधन योजना में पांच हजार रुपये तक के ओवरड्राफ्ट की सुविधा है। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें हैं। खाते का छह माह तक संतोषजनक संचालन (मासिक बैलेंस 1250 रुपये) और आधार कार्ड का लिंक होना जरूरी है। बहरहाल अभी 32844 खाते ही आधार लिंक हो सके हैं।



रुपे कार्ड बगैर नहीं मिलेगा बीमा के लाभ
पीएम जनधन योजना के तहत खुले खातों में 30 हजार का बीमा और एक लाख रुपए का दुर्घटना बीमा किया जाता है। लेकिन इस बीमा के लाभ के लिए रुपे कार्ड का होना जरूरी है। लीड बैंक प्रबंधक आनंद सिंह रावत का कहना है कि रुपे कार्ड का हर 90 दिन के भीतर इस्तेमाल जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर कार्ड निष्क्रिय हो जाएगा। और इससे मिलने वाला लाभ भी नहीं मिल सकेगा।

 

काेट
एसबीआई को छोड़ अन्य बैंकों के जनधन खातेदारों के रुपे कार्ड बैंकों से ही दिए जाते हैं। इन रुपे कार्डों को लेकर खातेदार रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जबकि रुपे कार्ड की उपयोगिता शिविर और अन्य माध्यमों से लोगों को बताई जा चुकी है। वहीं पिन को सुरक्षागत कारणों से खातेदारों को बैंक से लेना होता है। अब फिर से न्याय पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
आनंद सिंह रावत,
लीड बैंक प्रबंधक, चंपावत।

 

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