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अमर उजाला अभियान: रेगड़ू औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान
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रेगड़ू स्थित गांव।
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत जिले का सबसे नया आईटीआई बाराकोट विकासखंड के रेगड़ू गांव में स्वीकृत हुआ। इसका शासनादेश भी हुआ लेकिन तीन साल बाद भी ये आईटीआई शुरू नहीं हो सका है।
चंपावत जिले के नौंवे आईटीआई को 2016 में रेगड़ू में मंजूर किया गया। आईटीआई में तीन ट्रेड इलैक्ट्रिकल्स, मोटर मैकेनिक और वैल्डर स्वीकृत किए गए लेकिन इस आईटीआई को अभी तक शुरू ही नहीं किया जा सका।
अभी तक न आईटीआई को संचालित करने के लिए जगह की ही तलाश हो सकी है और न ही कमरों की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अनुदेशक और अन्य कर्मियों की तैनाती भी नहीं की जा सकी है।
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ग्रामीणों ने इस आईटीआई को जल्द से जल्द संचालित करने की मांग की है। इधर विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का कहना है कि रेगड़ू आईटीआई को हर हाल में इसी सत्र से संचालित कराया जाएगा।
2016 में स्वीकृत रेगड़ू आईटीआई अभी संचालित नहीं हो सका है। नए खुले आईटीआई में यह अकेला तकनीकी संस्थान है जिसको सुचारु करने में समस्या हो रही है। किराये के कमरे की तलाश करने के अलावा अनुदेशकों की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि इस साल सितंबर से इस संस्थान को संचालित किया जा सके।
आरएस मर्तोलिया, निदेशक, नोडल आईटीआई, टनकपुर।
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चंपावत जिले के नौंवे आईटीआई को 2016 में रेगड़ू में मंजूर किया गया। आईटीआई में तीन ट्रेड इलैक्ट्रिकल्स, मोटर मैकेनिक और वैल्डर स्वीकृत किए गए लेकिन इस आईटीआई को अभी तक शुरू ही नहीं किया जा सका।
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अभी तक न आईटीआई को संचालित करने के लिए जगह की ही तलाश हो सकी है और न ही कमरों की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अनुदेशक और अन्य कर्मियों की तैनाती भी नहीं की जा सकी है।
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ग्रामीणों ने इस आईटीआई को जल्द से जल्द संचालित करने की मांग की है। इधर विधायक पूरन सिंह फर्त्याल का कहना है कि रेगड़ू आईटीआई को हर हाल में इसी सत्र से संचालित कराया जाएगा।
2016 में स्वीकृत रेगड़ू आईटीआई अभी संचालित नहीं हो सका है। नए खुले आईटीआई में यह अकेला तकनीकी संस्थान है जिसको सुचारु करने में समस्या हो रही है। किराये के कमरे की तलाश करने के अलावा अनुदेशकों की तैनाती के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि इस साल सितंबर से इस संस्थान को संचालित किया जा सके।
आरएस मर्तोलिया, निदेशक, नोडल आईटीआई, टनकपुर।