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अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस: वन्यजीव संस्थान देहरादून ने शुरू किया तीन दिनी जागरूकता अभियान
Sat, 29 Jul 2023 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 29 Jul 2023 10:45 PM IST
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अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर बच्चों को बाघ और वन्यजीवों के प्रति जागरूक करते वन्यजीव वैज्ञानिक डॉ.
टनकपुर (चंपावत)। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून ने तीन दिवसीय बाघ और वन्यजीवों के प्रति जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस मौके पर पौधरोपण कर बच्चों को पर्यावरण के प्रति भी जागरूक किया गया।
शनिवार से विजन पब्लिक स्कूल में शुरू हुए कार्यक्रम में संस्था के वन्यजीव वैज्ञानिक डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बच्चों और शिक्षकों को बाघ और अन्य वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनने की अपील की। उन्होंने पारिस्थितिकीय तंत्र में बाघों के महत्व की जानकारी देते हुए वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में रोजगार के अवसर की संभावनाओं को बताया। बताया कि वर्ष 2022 की गणना के अनुसार देश में बाघों की संख्या 3167 थी।
नंधौर अभयारण्य में वर्ष 2021 में वन विभाग और जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ लंदन की संयुक्त परियोजना के तहत कराई गई गणना में बाघों की संख्या 32 पाई गई थी। जो 2022 की गणना में बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने मानव और वन्यजीव संघर्ष से बचने के उपाय भी बताए। कार्यक्रम में क्षेत्र के दस विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। संस्थान की टीम, शिक्षक और प्रतिभागी बच्चों ने विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजाति पौधे भी लगाए। यहां प्रधानाचार्य नवल किशोर तिवारी, प्रबंधक अजय कुमार देउपा, नेचर गाइड सौरभ कलखुड़िया, संस्थान केे थान सिंह अधिकारी, देवेंद्र गौनिया, हिमांशु विश्वकर्मा, गोविंद सिंह, वीरेंद्र सिंह, आन सिंह, सुंदर सिंह, अनिल पालीवाल आदि मौजूद थे।
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शनिवार से विजन पब्लिक स्कूल में शुरू हुए कार्यक्रम में संस्था के वन्यजीव वैज्ञानिक डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बच्चों और शिक्षकों को बाघ और अन्य वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनने की अपील की। उन्होंने पारिस्थितिकीय तंत्र में बाघों के महत्व की जानकारी देते हुए वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में रोजगार के अवसर की संभावनाओं को बताया। बताया कि वर्ष 2022 की गणना के अनुसार देश में बाघों की संख्या 3167 थी।
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नंधौर अभयारण्य में वर्ष 2021 में वन विभाग और जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ लंदन की संयुक्त परियोजना के तहत कराई गई गणना में बाघों की संख्या 32 पाई गई थी। जो 2022 की गणना में बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने मानव और वन्यजीव संघर्ष से बचने के उपाय भी बताए। कार्यक्रम में क्षेत्र के दस विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। संस्थान की टीम, शिक्षक और प्रतिभागी बच्चों ने विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजाति पौधे भी लगाए। यहां प्रधानाचार्य नवल किशोर तिवारी, प्रबंधक अजय कुमार देउपा, नेचर गाइड सौरभ कलखुड़िया, संस्थान केे थान सिंह अधिकारी, देवेंद्र गौनिया, हिमांशु विश्वकर्मा, गोविंद सिंह, वीरेंद्र सिंह, आन सिंह, सुंदर सिंह, अनिल पालीवाल आदि मौजूद थे।
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