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पांच माह बाद भी नहीं मिली सूचना
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Tue, 01 Dec 2015 09:52 PM IST
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सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम में हीलाहवाली पर बीते पांच महीनों में दो लोक सूचना अधिकारियों पर जुर्माना लगाया जा चुका है, इसके बावजूद आरटीआई से जानकारी पाने को पापड़ बेलना पड़ रहा है। एक महिला आरटीआई कार्यकर्ता ने शिक्षा विभाग पर करीब पांच माह बाद भी जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया है। अब इस संबंध में उन्होंने आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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चंपावत की आरटीआई कार्यकर्ता मंजू खर्कवाल का कहना है कि शिक्षा विभाग से इस साल 25 जून को सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत विशिष्ट बीटीसी से संबंधित जानकारी देने का अनुरोध किया गया था। विभाग ने जानकारी देने के बजाय जवाब तो दिया, मगर इसमें मांगी गई सूचना का उत्तर नहीं था। कहा कि 9 सितंबर को इस संबंध में मुख्य शिक्षाधिकारी ने प्रथम अपील की, लेकिन फिर भी विशिष्ट बीटीसी के संबंध में मुख्य शिक्षाधिकारी द्वारा मंडलीय अपर शिक्षा निदेशक को भेजी गई आख्या की जानकारी नहीं दी गई। श्रीमती खर्कवाल ने अब इस मामले को राज्य सूचना आयोग के दरवाजे पर ले जाने की बात कही। उधर, विभाग के लोक सूूचना अधिकारी का कहना है कि जरूरी जानकारी दी जा चुकी है।
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उल्लेखनीय है कि नवंबर में ही समाज कल्याण विभाग के लोक सूचनाधिकारी पर सूचना 30 दिन के बजाय 221 दिन में देने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना राज्य सूचना आयोग लगा चुका है। साथ ही जून में भी स्वास्थ्य विभाग के लोक सूचनाधिकारी पर भी जुर्माना लग चुका है।
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