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Champawat News: रीठा साहिब गुरुद्वारे में कारसेवा से सराय का लेंटर डाला
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रीठा साहिब गुरुद्वारे के सराय निर्माण में कार सेवा करते सिख श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : CHAMPAWAT
रीठा साहिब (चंपावत)। रीठा साहिब गुरुद्वारे में सुविधाओं का जल्द ही विस्तार होगा। इस एतिहासिक गुरुद्वारा परिसर में श्रद्धालुओं के लिए दो महीने पहले 75 नए कमरे बनाए गए हैं और अब यहां यात्री निवास सराय का लेंटर डाला गया। सराय के निर्माण में देशभर के श्रद्धालुओं ने सहयोग किया।
नानकमत्ता गुरुद्वारा के कारसेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की मौजूदगी में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गोरखपुर, पूरनपुर, नानकमत्ता, सितारगंज, काशीपुर, रामनगर, कालागढ़, खटीमा, हल्द्वानी, नजीबाबाद आदि के श्रद्धालुओं ने सराय की छत डाली। खराब मौसम के चलते लेंटर डालने में आठ घंटे से अधिक लगे। कारसेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह, दिल्ली गुरुद्वारा के बाबा सुरेंद्र सिंह, बचन सिंह और बाबा श्याम सिंह ने सेवा और सहयोग के लिए सभी श्रद्धालुओं का आभार जताया। साथ ही सरोपा देकर सम्मानित किया।
लधिया और रतिया नदी पर स्थित रीठा साहिब का गुरुद्वारा आध्यात्मिक क्षेत्र है। सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव की साधना और चमत्कारों की यह धरती साक्षी रही है। 1505 में गुरुनानक यहां आए थे। गुरुजी के आध्यात्मिक चमत्कार के बाद यहां के कड़ुवे रीठे मीठे हो गए थे। रीठासाहिब गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह बताते हैं कि करीब छह एकड़ में फैले गुरुद्वारा परिसर में तीर्थयात्रियों के लिए 275 कमरे हैं।
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नानकमत्ता गुरुद्वारा के कारसेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की मौजूदगी में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गोरखपुर, पूरनपुर, नानकमत्ता, सितारगंज, काशीपुर, रामनगर, कालागढ़, खटीमा, हल्द्वानी, नजीबाबाद आदि के श्रद्धालुओं ने सराय की छत डाली। खराब मौसम के चलते लेंटर डालने में आठ घंटे से अधिक लगे। कारसेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह, दिल्ली गुरुद्वारा के बाबा सुरेंद्र सिंह, बचन सिंह और बाबा श्याम सिंह ने सेवा और सहयोग के लिए सभी श्रद्धालुओं का आभार जताया। साथ ही सरोपा देकर सम्मानित किया।
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लधिया और रतिया नदी पर स्थित रीठा साहिब का गुरुद्वारा आध्यात्मिक क्षेत्र है। सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव की साधना और चमत्कारों की यह धरती साक्षी रही है। 1505 में गुरुनानक यहां आए थे। गुरुजी के आध्यात्मिक चमत्कार के बाद यहां के कड़ुवे रीठे मीठे हो गए थे। रीठासाहिब गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह बताते हैं कि करीब छह एकड़ में फैले गुरुद्वारा परिसर में तीर्थयात्रियों के लिए 275 कमरे हैं।
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