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बरसात में वैकल्पिक मार्ग के सहारे होगी आवाजाही

Sun, 22 Apr 2018 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत। Updated Sun, 22 Apr 2018 10:41 PM IST
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In the rainy season
चल्थी के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने पर फंसे यात्री। - फोटो : अमर उजाला
 
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर बारहमासी सड़क की कटिंग के काम के चलते इस मार्ग पर आवाजाही अक्सर बाधित हो रही है। मलबा गिरने से जनवरी से अब तक यह सड़क तीन बार बंद हो चुकी है। ऐसे में लोग बरसात में इस सड़क को लेकर आशंकित हैं। बरसात में सड़क बंद होने की दशा में इस मार्ग से होकर पहाड़ से मैदान को आने जाने वाले वाहनों की आवाजाही वैकल्पिक मार्ग के भरोसे रहेगी।

बारहमासी सड़क के निर्माण के दौरान पहाड़ी दरकने से लेकर भारी मात्रा में मलबा गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। धौन, स्वांला, चल्थी, सिन्याड़ी संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहां कटिंग के दौरान मलबा बार-बार गिर रहा है। जून से सितंबर तक बरसात के दौरान इस सड़क की हालत और बदतर होना तय है। सड़क की मौजूदा हालत से यह भी तय है कि बरसात के दौरान यह समय-समय पर लोगों को गच्चा देती रहेगी। बरसाती सीजन में इस मार्ग पर आवाजाही करना बेहद खतरनाक होगी।
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ऐसे इस मार्ग से होकर पहाड़ से मैदान उतरने, मैदान से पहाड़ जाने वाले वाहनों को आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग पर भरोसे रहना पड़ेगा।  इस बार पूर्व में दो बार मार्ग बंद होने से लोगों को आवाजाही के लिए देवीधुरा मार्ग और सूखीढांग- डांडा -रीठा साहिब के वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ा।
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राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के लोहाघाट के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला का कहना है कि मानकों के तहत कटिंग करने के साथ खास एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसे लेकर निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। मगर कई जगह कमजोर चट्टानें होने से इस तरह की स्थितियां आ रही है। इस मामले में एसपी धीरेंद्र गुंज्याल का कहना है कि एनएच बंद होने की सूरत में आवाजाही के लिए दो वैकल्पिक मार्ग का उपयोग किया जाएगा।  


बाजार में 12 बजे तक पसरा रहा सन्नाटा
चंपावत। रविवार को दस घंटे राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने का असर जिला मुख्यालय के कारोबारियों पर भी पड़ा। अपराह्न  12.30 बजे तक वाहनों की आवाजाही नहीं होने से यहां मोटर स्टेशन पर स्थिति दुकानों में सन्नाटा रहा। इस कारण यहां के होटल और मिठाई की दुकानों को अच्छी खासी चपत भी लगी। अपराह्न एक बजे के करीब एक साथ वाहन आए, लेकिन मोटर स्टेशन में सीमित जगह होने से ज्यादातर वाहन सीधे आगे बढ़ गए। वहीं यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी।

मिठाई बेचने वाले चंचल सिंह, होटल व्यवसायी बबलू गिरि का कहना है कि रविवार को वाहनों के देर से आने से यहां के कारोबार को काफी नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान प्रतिबंधित समय को दस घंटे से कम कर छह घंटे किया जाना चाहिए।  


तीन माह में तीसरी बार बंद हुआ एनएच  
21 जनवरी: सिन्याड़ी के पास कटिंग के दौरान मलबा आने से दो दिन बंद रहा मार्ग।  
21 फरवरी: धौन के पास साढ़े सात घंटे तक मार्ग बंद।  
22 अप्रैल: चल्थी के पास रोड पर पोकलैंड गिरने से दस घंटे तक मार्ग बंद रहा।
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