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सेनानियों की अनदेखी से आहत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sun, 08 Jan 2017 10:20 PM IST
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि देश की आजादी में अहम रोल निभाने वाले सेनानियों और उनके उत्तराधिकारियों को अब भी वाजिब हक के लिए तरसना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री द्वारा सेनानियों की पेंशन में दस हजार रुपए की बढ़ोतरी का एलान भी चार माह बाद लागू नहीं हो सका। संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चौड़कोटी का कहना है कि सेनानी परिवार उपेक्षा का आगामी विधानसभा चुनाव में जवाब देंगे।
संगठन ने कहा कि राज्य बनने के बाद से सेनानियों की प्रतिमा स्थापित करने कई बार मांग की गई लेकिन आज तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया। धुरा में सात स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का तीन साल पहले स्मारक बनाया गया था, लेकिन इस स्मारक का गेट टूट गया है। लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है। अस्पताल, स्कूल, मार्ग और पार्कों के नाम सेनानियों के नाम पर रखने की मांग की गई पर इस मांग को भी अनदेखा किया गया है।
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संगठन ने खेतीखान के इंद्रा पार्क को संवारने, सेनानियों की याद को तरोताजा रखने के लिए पुस्तकालय, बहुउद्देश्यीय भवन, संग्रहालय में सेनानियों की मूर्ति स्थापित करने की मांग की गई है। उपेक्षा दूर न होने पर विधानसभा चुनाव में करारा जवाब देने की चेतावनी दी गई है।
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मुख्यमंत्री द्वारा सेनानियों की पेंशन में दस हजार रुपए की बढ़ोतरी का एलान भी चार माह बाद लागू नहीं हो सका। संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चौड़कोटी का कहना है कि सेनानी परिवार उपेक्षा का आगामी विधानसभा चुनाव में जवाब देंगे।
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संगठन ने कहा कि राज्य बनने के बाद से सेनानियों की प्रतिमा स्थापित करने कई बार मांग की गई लेकिन आज तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया। धुरा में सात स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का तीन साल पहले स्मारक बनाया गया था, लेकिन इस स्मारक का गेट टूट गया है। लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है। अस्पताल, स्कूल, मार्ग और पार्कों के नाम सेनानियों के नाम पर रखने की मांग की गई पर इस मांग को भी अनदेखा किया गया है।
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संगठन ने खेतीखान के इंद्रा पार्क को संवारने, सेनानियों की याद को तरोताजा रखने के लिए पुस्तकालय, बहुउद्देश्यीय भवन, संग्रहालय में सेनानियों की मूर्ति स्थापित करने की मांग की गई है। उपेक्षा दूर न होने पर विधानसभा चुनाव में करारा जवाब देने की चेतावनी दी गई है।