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मानव और मादक पदार्थों की तस्करी चिंतनीय
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर
Updated Fri, 12 May 2017 11:01 PM IST
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कार्यशाला में विचार रखते एसएसबी के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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ठुलीगाड़ (पूर्णागिरि) में तैनात एसएसबी की पंचम वाहिनी ने एक दिनी कार्यशाला आयोजित कर सेलागाड़ के ग्रामीणों और मां पूर्णागिरि मेले में आए श्रद्धालुओं को मानव एवं मादक पदार्थों की तस्करी के प्रति जागरूक किया। वक्ताओं ने कहा कि मानव एवं मादक पदार्थों की तस्करी आज संगठित अपराध के रूप में पनप रही है, जो चिंतनीय है। जागरूकता के माध्यम से ही इस अपराध पर अंकुश लगाया जा सकता है। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों और नागरिकों में आपसी तालमेल भी जरूरी है।
पंचम वाहिनी के सहायक कमांडेंट अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि एसएसबी सीमा की प्रहरी ही नहीं बल्कि सामाजिक उत्थान और सीमांत के लोगों के सच्चे साथी के रूप में काम रही है। एसएसबी की तैनाती के बाद सीमा पार से होने वाले कई अपराधों पर अंकुश लगा है, लेकिन मानव तस्करी की बढ़ती घटनाएं चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि सीमा पार से ही नहीं हमारे सीमांत दुर्गम क्षेत्रों में भी तस्कर अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश में लगे हैं, जिसे समय रहते रोका जाना जरूरी है।
अन्य वक्ताओं ने भी मानव व मादक पदार्थों की तस्करी को चिंताजनक बताया। कहा कि यौन शोषण, बाल श्रम व मानव अंगों को निकालने के लिए हो रही मानव तस्करी भविष्य में चुनौती न बने, इसके लिए समय पर ऐसे अपराधों को रोका जाना जरूरी है। कार्यशाला में कोतवाल अरुण कुमार वर्मा, एंटी ह्यूमन सेन की इंचार्ज मंजू पांडेय, बाल विकास विभाग की मुख्य सेविका मीरा जोशी, माधवी भट्ट आदि ने भी विचार रखे।
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ठुलीगाड़ (पूर्णागिरि) में तैनात एसएसबी की पंचम वाहिनी ने एक दिनी कार्यशाला आयोजित कर सेलागाड़ के ग्रामीणों और मां पूर्णागिरि मेले में आए श्रद्धालुओं को मानव एवं मादक पदार्थों की तस्करी के प्रति जागरूक किया। वक्ताओं ने कहा कि मानव एवं मादक पदार्थों की तस्करी आज संगठित अपराध के रूप में पनप रही है, जो चिंतनीय है। जागरूकता के माध्यम से ही इस अपराध पर अंकुश लगाया जा सकता है। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों और नागरिकों में आपसी तालमेल भी जरूरी है।
पंचम वाहिनी के सहायक कमांडेंट अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि एसएसबी सीमा की प्रहरी ही नहीं बल्कि सामाजिक उत्थान और सीमांत के लोगों के सच्चे साथी के रूप में काम रही है। एसएसबी की तैनाती के बाद सीमा पार से होने वाले कई अपराधों पर अंकुश लगा है, लेकिन मानव तस्करी की बढ़ती घटनाएं चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि सीमा पार से ही नहीं हमारे सीमांत दुर्गम क्षेत्रों में भी तस्कर अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश में लगे हैं, जिसे समय रहते रोका जाना जरूरी है।
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अन्य वक्ताओं ने भी मानव व मादक पदार्थों की तस्करी को चिंताजनक बताया। कहा कि यौन शोषण, बाल श्रम व मानव अंगों को निकालने के लिए हो रही मानव तस्करी भविष्य में चुनौती न बने, इसके लिए समय पर ऐसे अपराधों को रोका जाना जरूरी है। कार्यशाला में कोतवाल अरुण कुमार वर्मा, एंटी ह्यूमन सेन की इंचार्ज मंजू पांडेय, बाल विकास विभाग की मुख्य सेविका मीरा जोशी, माधवी भट्ट आदि ने भी विचार रखे।
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