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Champawat News: हुंकार... पुरानी पेंशन बहाल न हुई तो चुनाव में नतीजा भुगतेगी सरकार

Mon, 18 Sep 2023 10:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Mon, 18 Sep 2023 10:00 PM IST
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Hukar... If the old pension is not restored, the government will face the consequences in the elections.
चंपावत। पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए सोमवार को पुरानी पेंशन बहाली भारत रथ यात्रा के यहां पहुंचने पर कर्मचारियों-शिक्षकों का हुजूम उमड़ पड़ा। कर्मचारियों ने एक स्वर में सरकार से पुरानी पेंशन नीति को बहाल करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि यदि जल्द ही पुरानी पेंशन बहाल न की गई तो आने वाले चुनाव में सरकार को इसका नतीजा भुगतना होगा। इस दौरान पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने और भविष्य में होने वाले आंदोलनों में एकजुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाने का संकल्प लिया गया।
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एनएमओपीएस (पुरानी पेंशन योजना के लिए राष्ट्रीय आंदोलन) संगठन के बैनरतले गोरलचौड़ मैदान में प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद बोहरा की अध्यक्षता और जिला मंत्री बंशीधर थ्वाल के संचालन में सभा का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने पुरानी पेंशन सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए जरूरी होने के साथ 60 साल की उम्र तक सेवा देने वाले कर्मी-शिक्षकों का सांविधानिक अधिकार भी बताया।
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वक्ताओं ने वर्ष 2005 से शुरू की गई नई पेंशन को निरस्त कर पुरानी पेंशन बहाली के आड़े आने वाले दलों और सरकार को आड़े हाथ लिया गया। पुरानी पेंशन बहाली रथ यात्रा के अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. रामचंद्र डबाज, हरियाणा के महासचिव तरुण सिंह, सुनील कुमार, दिल्ली प्राथमिक शिक्षक संघ के सचिव दीपक पंत, संजीत रोहिल्ल, दिग्विजय चौहान, चमोली के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह नेगी, पिथौरागढ़ के जितेंद्र वल्दिया ने पुरानी पेंशन बहाल नहीं करने पर सरकार को चुनाव में नतीजे भुगतने की चेतावनी दी।
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कहा कि एक अक्तूबर को देशभर के कर्मी दिल्ली में शंखनाद रैली करेंगे और उसी दिन आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी। वक्ताओं ने सवाल उठाया कि अगर वित्तीय घाटा सचमुच इतना बड़ा मामला है तो सांसद, विधायकों और मंत्रियों को मोटी पेंशन क्यों दी जा रही है? कहा गया कि कर्मचारियों के एकजुट संघर्ष से पांच राज्य अब फिर से पुरानी पेंशन योजना लागू कर रहे हैं। रैली में कमल जोशी, कीर्ति भट्ट, रमेश पाल, राजेंद्र बिष्ट, हरीश पाठक, विनोद गहतोड़ी, गिरीश जोशी, मोहन जोशी, किशोर पंगरिया, राजेंद्र सामंत, शंकर जोशी सहित सैकड़ों कर्मचारी और शिक्षक थे।

सभा को इन्होंने किया संबोधित
एनएमओपीएस जिलाध्यक्ष गोविंद मेहता, मिनिस्टीरियल फेडरेशन जिला महामंत्री जीवन चंद्र ओली, राजकीय शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष जगदीश अधिकारी, पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संघ अध्यक्ष नगेंद्र कुमार जोशी, डिप्लोमा फार्मासिस्ट संघ महामंत्री सतीश पांडेय, उपाध्यक्ष सुरेश जोशी, जेपी वर्मा, इंदुवर जोशी, गोपाल कालाकोटी, रामप्रसाद कालाकोटी, प्रकाश तड़ागी, नरेश जोशी, कवींद्र तड़ागी, नरेश भट्ट, कैलाश भट्ट आदि।
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