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बहुत खूब, खुद सिलकर फ्री में मास्क बांट रहे दिव्यांग भैरवदत्त
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भिंगराड़ा में फ्री मास्क बांटने वाले निर्धन दिव्यांग भैरवदत्त शर्मा।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। दूसरों की मदद करने का जज्बा हो, तो न आर्थिक तंगी आड़े आती है और नहीं शारीरिक अक्षमता। इसे सच साबित किया है पाटी ब्लाक के भिंगराड़ा गांव के बीपीएल श्रेणी के भैरवदत्त शर्मा ने। यह शख्स कोरोना वायरस के खतरे के बीच मदद को आगे आया है। कपड़े सिलकर दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करने वाले दिव्यांग भैरवदत्त शर्मा ने अपने पास कपड़े के मास्क बनाकर ग्रामीणों को फ्री में बांटना शुरू किया। मार्च से अब तक वे 2800 से अधिक मास्क वितरित कर चुके हैं।
मास्क को अनिवार्य किए जाने के बाद भिंगराड़ा और लधिया घाटी क्षेत्र में मास्क की कमी पड़ गई। ज्यादातर लोग रूमाल और गमछे से मुंह ढक रहे थे। इसे देख कपड़े सिलकर गुजर करने वाले भैरवदत्त शर्मा के मन में मास्क बनाने का विचार आया। पहले उन्होंने बचे कपड़े को सिलकर मास्क बनाना शुरू किया। और अब इन मास्कों को फ्री में ग्रामीणों को बांट रहे हैं। उनकी इस पहल को देख गांव के कपड़ा व्यापारी दीपक जोशी ने उन्हें निशुल्क कपड़ा दिया।
वे अब तक 2805 लोगों को मास्क बांट चुके हैं। इस दौरान उन्होंने पहले से आए कपड़े सिलने वाले काम को रोक दिया और पूरे वक्त मास्क बनाने में ही जुटे रहे। बता दें कि खुद गरीब दिव्यांग भैरवदत्त शर्मा एक अदद आवास के लिए तरस रहे हैं। लेकिन उन्होंने बड़ी सोच रखते हुए लोगों में प्रेरणा पैदा की है। ग्राम प्रधान गीता भट्ट, पैरालीगल वालंटियर उमेश भट्ट, पूर्व ग्राम प्रधान धर्मानंद भट्ट, रमेश भट्ट आदि ने कहा कि भैरवदत्त शर्मा के इस नजरिए से गांव के लोग गदगद हैं। लॉकडाउन खत्म होने के बाद उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
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मास्क को अनिवार्य किए जाने के बाद भिंगराड़ा और लधिया घाटी क्षेत्र में मास्क की कमी पड़ गई। ज्यादातर लोग रूमाल और गमछे से मुंह ढक रहे थे। इसे देख कपड़े सिलकर गुजर करने वाले भैरवदत्त शर्मा के मन में मास्क बनाने का विचार आया। पहले उन्होंने बचे कपड़े को सिलकर मास्क बनाना शुरू किया। और अब इन मास्कों को फ्री में ग्रामीणों को बांट रहे हैं। उनकी इस पहल को देख गांव के कपड़ा व्यापारी दीपक जोशी ने उन्हें निशुल्क कपड़ा दिया।
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वे अब तक 2805 लोगों को मास्क बांट चुके हैं। इस दौरान उन्होंने पहले से आए कपड़े सिलने वाले काम को रोक दिया और पूरे वक्त मास्क बनाने में ही जुटे रहे। बता दें कि खुद गरीब दिव्यांग भैरवदत्त शर्मा एक अदद आवास के लिए तरस रहे हैं। लेकिन उन्होंने बड़ी सोच रखते हुए लोगों में प्रेरणा पैदा की है। ग्राम प्रधान गीता भट्ट, पैरालीगल वालंटियर उमेश भट्ट, पूर्व ग्राम प्रधान धर्मानंद भट्ट, रमेश भट्ट आदि ने कहा कि भैरवदत्त शर्मा के इस नजरिए से गांव के लोग गदगद हैं। लॉकडाउन खत्म होने के बाद उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
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