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Champawat News: उद्यान विभाग जिले में पांच क्विंटल केसर बल्ब बांटेगा
Fri, 28 Jun 2024 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 28 Jun 2024 10:58 PM IST
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चंपावत। उद्यान विभाग जिले में केसर की खेती को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। पिछले साल केसर की अच्छी खेती होने पर विभाग इस बार पांच क्विंटल केसर के बल्ब बांटेगा। कश्मीर के केसर से यहां के खेत महकेंगे।
उद्यान विभाग चंपावत को केसर की खेती का हब बनाने के लिए तैयारी में जुट गया है। पिछले साल दो क्विंटल केसर बल्ब वितरण के बाद मिली सफलता को देखते हुए इस बार पांच क्विंटल केसर काश्तकारों को बांटने जा रहा है। काश्तकारों को 50 फीसदी सब्सिडी पर केसर उपलब्ध कराया जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी टीएन पांडे ने बताया कि इस बार 25 काश्तकारों को पांच क्विंटल केसर बल्ब वितरण का लक्ष्य रखा गया है। अगले साल अधिक काश्तकारों को केसर बल्ब 50 फीसदी सब्सिडी पर बांटे जाएंगे। उन्होंने बताया पाटी, चंपावत, बाराकोट, लोहाघाट की भूमि केसर की खेती के लिए मुफीद है।
अधिकांश ठंडी जगह में लगने वाले केसर के लिए पानी की भी ज्यादा जरूरत नहीं होती है। केसर की नए सीजन की बुआई सितंबर पहले सप्ताह में की जाएगी। केसर अनुसंधान केंद्र कश्मीर से बल्ब मंगाकर काश्तकारों को वितरित किए जाएंगे। पिछले साल 20 काश्तकारों को केसर बल्ब दिए गए थे।
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उद्यान विभाग चंपावत को केसर की खेती का हब बनाने के लिए तैयारी में जुट गया है। पिछले साल दो क्विंटल केसर बल्ब वितरण के बाद मिली सफलता को देखते हुए इस बार पांच क्विंटल केसर काश्तकारों को बांटने जा रहा है। काश्तकारों को 50 फीसदी सब्सिडी पर केसर उपलब्ध कराया जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी टीएन पांडे ने बताया कि इस बार 25 काश्तकारों को पांच क्विंटल केसर बल्ब वितरण का लक्ष्य रखा गया है। अगले साल अधिक काश्तकारों को केसर बल्ब 50 फीसदी सब्सिडी पर बांटे जाएंगे। उन्होंने बताया पाटी, चंपावत, बाराकोट, लोहाघाट की भूमि केसर की खेती के लिए मुफीद है।
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अधिकांश ठंडी जगह में लगने वाले केसर के लिए पानी की भी ज्यादा जरूरत नहीं होती है। केसर की नए सीजन की बुआई सितंबर पहले सप्ताह में की जाएगी। केसर अनुसंधान केंद्र कश्मीर से बल्ब मंगाकर काश्तकारों को वितरित किए जाएंगे। पिछले साल 20 काश्तकारों को केसर बल्ब दिए गए थे।
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