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सिद्धमोड़ और ध्रुवगिरि मोड़ पर दरकी पहाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत )
Updated Thu, 13 Jul 2017 12:11 AM IST
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पूर्णागिरि में दुकान के ऊपर गिरा दरकी पहाड़ी का मलवा।
- फोटो : अमर उजाला
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बारिश से मां पूर्णागिरि धाम में मंगलवार रात फिर आफत बरसी है। सिद्धमोड़ और काली मंदिर के पास ध्रुवगिरि मोड़ पर दरकी पहाड़ी के मलबे से जहां दो दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहीं मुख्य मंदिर का पैदल रास्ता भी बंद हो गया है। किरोड़ा नाले के उफान पर आने एवं बाटनागाड़, हनुमानचट्टी और लादीगाड़ के पास मलबा आने से पूर्णागिरि मार्ग करीब चार घंटे बंद रहा। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के कारण शारदा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है।
चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश से जहां आम जनजीवन पर असर पड़ रहा है, वहीं मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र कुछ ज्यादा ही संवेदनशील हो गया है। कभी किरोड़ा नाला पूर्णागिरि की राह रोकता है तो कभी ठुलीगाड़-भैरव मंदिर के बीच हनुमानचट्टी एवं लादीगाड़ में दरक रही पहाड़ियों के मलबे से मार्ग बाधित हो रहा है। भैरव मंदिर से काली मंदिर तक पैदल मार्ग पर खतरा और भी ज्यादा बना है। मौसम विभाग की चेतावनी एवं कई स्थानों पर दरक रही पहाड़ियों को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर दुकानों को बंद कराया गया है। मंगलवार रात हुई मूसलाधार बारिश से सिद्धमोड़ और ध्रुवगिरि मोड़ पर रास्ते पर पहाड़ी का भारी मलबा आया है। सिद्धमोड़ में सुनील कुमार साहू एवं ध्रुवगिरि मोड़ पर मनोज कुमार गुप्ता की दुकान मलबे से काफी क्षतिग्रस्त हुई है। गनीमत रही कि इन दुकानों को प्रशासन के निर्देश पर मंदिर समिति ने दो दिन पहले ही बंद करा दिया था, वर्ना बड़ा हादसा हो सकता था।
इधर, उफनाए किरोड़ा से पूर्णागिरि मार्ग सुबह चार घंटे बंद रहा। एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि आपदा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र के लोगों को अलर्ट किया गया है। बाढ़ आपदा नियंत्रण एवं बचाव टीमें भी सक्रिय की गई है।
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चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश से जहां आम जनजीवन पर असर पड़ रहा है, वहीं मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र कुछ ज्यादा ही संवेदनशील हो गया है। कभी किरोड़ा नाला पूर्णागिरि की राह रोकता है तो कभी ठुलीगाड़-भैरव मंदिर के बीच हनुमानचट्टी एवं लादीगाड़ में दरक रही पहाड़ियों के मलबे से मार्ग बाधित हो रहा है। भैरव मंदिर से काली मंदिर तक पैदल मार्ग पर खतरा और भी ज्यादा बना है। मौसम विभाग की चेतावनी एवं कई स्थानों पर दरक रही पहाड़ियों को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर दुकानों को बंद कराया गया है। मंगलवार रात हुई मूसलाधार बारिश से सिद्धमोड़ और ध्रुवगिरि मोड़ पर रास्ते पर पहाड़ी का भारी मलबा आया है। सिद्धमोड़ में सुनील कुमार साहू एवं ध्रुवगिरि मोड़ पर मनोज कुमार गुप्ता की दुकान मलबे से काफी क्षतिग्रस्त हुई है। गनीमत रही कि इन दुकानों को प्रशासन के निर्देश पर मंदिर समिति ने दो दिन पहले ही बंद करा दिया था, वर्ना बड़ा हादसा हो सकता था।
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इधर, उफनाए किरोड़ा से पूर्णागिरि मार्ग सुबह चार घंटे बंद रहा। एसडीएम अनिल चन्याल ने बताया कि आपदा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र के लोगों को अलर्ट किया गया है। बाढ़ आपदा नियंत्रण एवं बचाव टीमें भी सक्रिय की गई है।
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