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वेंटिलेटर काम करते तो नहीं जाना पड़ता हायर सेंटर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 18 Nov 2020 10:51 PM IST
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Higher center does not have to go if ventilator works
टनकपुर अस्पताल में बेकाम बने आईसीयू। - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर काम करते तो ढाई माह में कोरोना के नौ संक्रमितों को हल्द्वानी रेफर नहीं करना पड़ता। उन्हें इसी जिले में इलाज मिल जाता। सिर्फ कोरोना संक्रमित ही नहीं, दमा, फेफड़े, सांस और कई अन्य गंभीर मामलों में रोगियों को वेंटिलेटर के लिए हल्द्वानी या दूसरे अस्पताल की दौड़ लगाने से निजात मिल जाती। जिले में तीन महीनों में 471 लोगों को हायर सेंटर रेफर किया गया, इनमें से एक-तिहाई लोगों को आईसीयू (सघन निगरानी यूनिट) के संचालन से जिले में ही इलाज मिल जाता। लेकिन वेंटिलेटर होते हुए ये अभी उपयोग लायक नहीं हैं।
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जिले के तीन अस्पतालों में आईसीयू और वेंटिलेटरों के लिए 183.92 लाख रुपये स्वीकृत हुए। 16 अगस्त को छह वेंटिलेटर वाले जिला अस्पताल के आईसीयू का विधायक कैलाश गहतोड़ी ने और 18 सितंबर को लोहाघाट अस्पताल के चार वेंटिलेटरों का लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने उद्घाटन किया। इसी तरह टनकपुर के तीन वेंटिलेटरों का भी शुभारंभ किया गया, लेकिन इनमें से उपयोग अभी तक किसी का नहीं हो सका है। एसीएमओ डॉ. एचएस ह्यांकी का कहना है कि अभी आईसीयू भवन का निर्माण और वेंटिलेटर के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
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इसलिए नहीं हो पा रहा उपयोग:
चंपावत में छिटपुट काम और ऑक्सीजन आपूर्ति व्यवस्था अधूरी है। लोहाघाट और टनकपुर में आईसीयू भवन का आधारभूत ढांचा पूरा नहीं है।
कोट
आईसीयू के उपयोग के लिए जिला अस्पताल में प्रशिक्षित स्टाफ है। भवन भी तैयार है। यूनिट का संचालन जल्द से जल्द शुरू करने के लिए छिटपुट बचे काम को पूरा करने के लिए कहा गया है। शेष दो टनकपुर और लोहाघाट के वेंटिलेटरों को जल्द से जल्द उपयोग में लाने का प्रयास किया जाएगा।
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डॉ. आरपी खंडूरी,
सीएमओ, चंपावत।
आईसीयू के लिए जरूरी है वेंटिलेटर
वेंटिलेटर के जरिये फेफड़े, सांस, दमा सहित ज्यादातर गंभीर रोगियों को सांस लेने में मदद करती है। इसके उपयोग के लिए आईसीयू जरूरी है। इसमें कोरोना मरीजों के अलावा छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को सुविधा मिलती है। 24 घंटे सेवा देने वाले आईसीयू के पूरा होने पर वेंटिलेटर, रेडिएंट वार्मर, ऑक्सीजन कंसट्रेटर, इनफ्यूजन पंप, मल्टीपेरामीटर मॉनीटर, पल्स ऑक्सीमीटर आदि उपकरणों का लाभ भी मिलेगा।
कोट
जिला अस्पताल में आईसीयू का काम पूरा होने के बाद ही 16 अगस्त को लोकार्पण किया गया था। वेंटिलेटर के लिए विधायक निधि से बजट भी दिया गया था। आईसीयू संचालित करने वाला प्रशिक्षित स्टाफ भी है। लगातार मॉनिटरिंग के बावजूद छिटपुट बकाया काम के पूरा होने में हीलाहवाली हुई है। अब इस माह आईसीयू को हर हाल संचालित कराएंगे।

कैलाश गहतोड़ी, विधायक
चंपावत।
कोट
लोहाघाट अस्पताल में जल्द वेंटिलेटर का उपयोग हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने 18 सितंबर को उद्घाटन कार्यक्रम रखा था। अलबत्ता आईसीयू के भवन में कुछ जरूरी काम बाकी रह गया। इसको जल्द पूरा कराया जाएगा।
पूरन सिंह फर्त्याल, विधायक, लोहाघाट।
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