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लोहाघाट की हीरा मुरारी को योग ने दी नई जिंदगी
Thu, 20 Jun 2019 10:32 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
चंद्रशेखर जोशी चंपावत।
चंद्रशेखर जोशी चंपावत।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Thu, 20 Jun 2019 10:32 PM IST
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योग से सायटिका रोग पर विजय प्राप्त करने वालीं लोहाघाट की हीरा मुरारी।
- फोटो : अमर उजाला
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जो रोग लखनऊ के संजय गांधी पीजी अस्पताल में चार लाख रुपये खर्च कर ठीक न कर सका, उसे कुछ ही वक्त में योग की ताकत ने ठीक कर दिया। सायटिका रोग से पीड़ित एक महिला की जिंदगी की ये हकीकत है।
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लोहाघाट की हीरा मुरारी को 1998 में सायटिका हो गया। उनके बेटे राजीव मुरारी के मुताबिक मां को कमर और पांव में बेहद तेज दर्द रहता था। हीरा मुरारी की हालत देखकर पति इंद्र देव मुरारी परिवार को अमेठी ले गए। लखनऊ के संजय गांधी पीजी अस्पताल में उनका लंबा इलाज चला। दवा से लेकर फिजियोथैरेपी तक में चार लाख रुपये से अधिक खर्च हो गया लेकिन फायदा नहीं हुआ।
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राजीव मुरारी के मुताबिक इस बीच वे अमेठी में शिव योग फाउंडेशन के संपर्क में आए। सायटिका के उपचार के लिए ध्यान के अलावा आसन कराए गए। पहली बार जब हीरा मुरारी को योग के लिए ले जाया गया तो उनकी हालत इतनी नाजुक थी कि एक सप्ताह तक एंबुलेंस की मदद लेनी पड़ी।
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करीब तीन सप्ताह तक स्कूटर से योग के लिए ले जाया गया। फिर धीरे-धीरे वे खुद चल कर जाने लगीं और नौ महीने बाद पूरी तरह स्वस्थ हो गईं। हीरा मुरारी कहती हैं कि योग ने उन्हें दूसरी जिंदगी दी है। योग की इस खूबी से पतंजलि योग समिति से जुड़ वर्ष 2001 से वे लोगों को योग के फायदे बता रही हैं।