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बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं
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सिप्टी राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी का भवन।
- फोटो : CHAMPAWAT
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उत्तर प्रदेश के जमाने में खुले सिप्टी के राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी (एसएडी) के हाल को सुधारने की स्वास्थ्य विभाग को कतई चिंता नहीं है। अस्पताल में लंबे समय से डॉक्टर नहीं है और मरीजों के इलाज से लेकर उन्हें दवा देने तक का काम फार्मेसिस्ट के जिम्मे है।
क्वैराला घाटी के सिप्टी, सैंदर्क, मटेला, कोयाटी, मिर्तोला, लफ्ड़ा, बड़पास सहित एक दर्जन गांवों की सात हजार की आबादी का इलाज करने वाला अस्पताल खुद सेहतमंद नहीं है। अस्पताल में डॉक्टर नहीं है।
इसके बावजूद अगर यहां औसतन रोजाना 25 मरीज आते हैं तो इसकी वजह फार्मेसिस्ट की बेहतरीन सेवा है। फार्मेसिस्ट गिरीश खर्कवाल मरीजों के परीक्षण से लेकर दवाओं के वितरण तक का काम संजीदगी के साथ करते हैं।
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इस बात की तस्दीक इस इलाके के लोग खुलकर करते हैं। डॉक्टरविहीन इस अस्पताल में फार्मेसिस्ट के अलावा वार्ड ब्वाय जीवन भी अपने स्तर से भरपूर सहयोग करते हैं।
डॉक्टर न मिला तो करेंगे पंचायती चुनाव बहिष्कार
चंपावत। सामाजिक कार्यकर्ता श्याम सिंह, पैरा लीगल वालंटियर डॉ. प्रकाश जोशी शूल, लक्ष्मण राम सहित इलाके के तमाम लोग अस्पताल में चिकित्सक की स्थायी तैनाती को लेकर लंबे समय से आवाज उठाते रहे हैं लेकिन उनकी आवाज को सुनने वाला कोई नहीं है। अब इलाके के लोग 30 सितंबर तक चिकित्सक की तैनाती नहीं होने पर पंचायती चुनाव बहिष्कार की बात कह रहे हैं।
सिप्टी में इस साल के शुरू में एक डॉक्टर को भेजा गया था लेकिन उनके अनुपस्थित होने से दिक्कत आ रही है। डॉक्टर नहीं होने के बावजूद फार्मेसिस्ट द्वारा यहां की व्यवस्था को ठीक से चलाया जा रहा है। डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत।
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क्वैराला घाटी के सिप्टी, सैंदर्क, मटेला, कोयाटी, मिर्तोला, लफ्ड़ा, बड़पास सहित एक दर्जन गांवों की सात हजार की आबादी का इलाज करने वाला अस्पताल खुद सेहतमंद नहीं है। अस्पताल में डॉक्टर नहीं है।
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इसके बावजूद अगर यहां औसतन रोजाना 25 मरीज आते हैं तो इसकी वजह फार्मेसिस्ट की बेहतरीन सेवा है। फार्मेसिस्ट गिरीश खर्कवाल मरीजों के परीक्षण से लेकर दवाओं के वितरण तक का काम संजीदगी के साथ करते हैं।
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इस बात की तस्दीक इस इलाके के लोग खुलकर करते हैं। डॉक्टरविहीन इस अस्पताल में फार्मेसिस्ट के अलावा वार्ड ब्वाय जीवन भी अपने स्तर से भरपूर सहयोग करते हैं।
डॉक्टर न मिला तो करेंगे पंचायती चुनाव बहिष्कार
चंपावत। सामाजिक कार्यकर्ता श्याम सिंह, पैरा लीगल वालंटियर डॉ. प्रकाश जोशी शूल, लक्ष्मण राम सहित इलाके के तमाम लोग अस्पताल में चिकित्सक की स्थायी तैनाती को लेकर लंबे समय से आवाज उठाते रहे हैं लेकिन उनकी आवाज को सुनने वाला कोई नहीं है। अब इलाके के लोग 30 सितंबर तक चिकित्सक की तैनाती नहीं होने पर पंचायती चुनाव बहिष्कार की बात कह रहे हैं।
सिप्टी में इस साल के शुरू में एक डॉक्टर को भेजा गया था लेकिन उनके अनुपस्थित होने से दिक्कत आ रही है। डॉक्टर नहीं होने के बावजूद फार्मेसिस्ट द्वारा यहां की व्यवस्था को ठीक से चलाया जा रहा है। डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत।

डॉक्टरविहीन सिप्टी राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी में इलाज करते फार्मेसिस्ट गिरीश खर्कवाल।- फोटो : CHAMPAWAT