फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   guest house built during the reign of chand rulers is about to vanished

चंद शासन में बनी विश्रामशाला का वजूद खत्म होने के कगार पर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jun 2021 10:46 PM IST
विज्ञापन
guest house built during the reign of chand rulers is about to vanished
चंपावत। चंद शासकों की पहली राजधानी पौराणिक कूर्मनगरी चंपावत में चंद और उनके पूर्ववर्ती कत्यूरी शासकों के कार्यकाल में बनाई गई विश्रामशाला ‘मढ़ैया’ उपेक्षित हाल में है। जिले की सिप्टी न्याय पंचायत के गड़कोट पातल में पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित इमारतों की श्रेणी में शामिल होने के बावजूद मढ़ैया की कोई देखभाल और रखरखाव न होने के कारण ऐतिहासिक महत्व का स्थल खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है।
विज्ञापन

इतिहासकार डॉ. प्रशांत जोशी के अनुसार कत्यूरी और चंद शासकों ने अपनी प्रजा के कल्याण के लिए कई रचनात्मक कार्य किए। इसका एक उदाहरण गड़कोट के पास कत्यूरी चंद शासकों की ओर से बनाई गई विश्राम शाला के रूप में मिलता है। स्थानीय भाषा में इसे पार्थशाला या धरमघरों के रूप में भी जाना जाता हैं। 12 विशाल खंभों पर आधारित इस विशिष्ट स्थापत्य के नमूने में छत गोल छतरीनुमा है। इस इमारत को एक विशाल चबूतरे पर बनाया गया था।
विज्ञापन

इसे प्राचीन पैदल मार्ग में राहगीरों के आराम करने के साथ धूप, तेज वर्षा, ओलावृष्टि आदि आपदाओं से बचने के लिए बनाया गया था। इसके कुछ स्तंभ गायब हो चुके हैं, छत पूर्णत: क्षतिग्रस्त हो चुकी है और उसके अवशेष इसी इमारत के अहाते में उपेक्षित हैं। अगर समय रहते इनके संरक्षण का प्रयास नहीं किया गया तो पूरी इमारत ध्वस्त हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई गांवों को जोड़ने वाले मार्ग में बनी है मढ़ैया
चंपावत। गड़कोट के पातल में बनी मढ़ैया कई गांवों को जोड़ने वाले मार्ग पर बनाई गई है। अतीत में जब वाहनों का संचालन नहीं होता था तब बड़ी संख्या में लोग पैदल यात्रा के दौरान मढ़ैया में विश्राम करते थे। मढै़या के पास ही एक बहुत बड़ा झरना और सप्तेश्वर महादेव का मंदिर भी है। गड़कोट के प्रधान प्रकाश चंद्र, कुंदन सिंह, जीवन गिरि आदि का कहना है कि पुरातत्व विभाग की ओर से विश्रामशाला का संरक्षण किया जाए तो यहां पर्यटन संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

चंपावत जिले के गड़कोट पातल में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की मढ़ैया के संरक्षण की कार्ययोजना बनाई जा रही है। जल्द ही मढ़ैया के पुरातन स्वरूप को संरक्षित करने का कार्य शुरू हो जाएगा।
- डॉ. चंद्र सिंह चौहान, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed